पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने मनाया काला दिवस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग – परविंदर सिंह
कांग्रेस नेताओं एवं सांसदों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ काला कपड़ा और काली पगड़ी पहनकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन ‐ डाॅ प्रदीप कुमार बालमुचू

पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने मनाया काला दिवस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग – परविंदर सिंह

कांग्रेस नेताओं एवं सांसदों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ काला कपड़ा और काली पगड़ी पहनकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन ‐ डाॅ प्रदीप कुमार बालमुचू

जमशेदपुर – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आहवान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह के नेतृत्व में काला दिवस एवं विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। इस दौरान कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने काला कपड़ा और काली पगड़ी पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।
यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली में जारी विरोध कार्यक्रमों के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ सांसदों एवं नेताओं के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर की गई धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस व्यवहार को लोकतांत्रिक मूल्यों, विपक्ष के अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की भावना के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं और केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग को प्रभावित करने तथा चुनावी प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की आशंकाओं और साइबर माध्यम से मतदाताओं के नामों में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी उठाई।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि लगभग 13 करोड़ 20 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि इस दावे की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और मतदाता सूची से संबंधित सभी विसंगतियों को दूर किया जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा मतपत्रों के माध्यम से मतदान की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
काला दिवस एवं प्रदर्शन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह* ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था अनिवार्य है। निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्य करे और प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर जानबूझकर मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। परविंदर सिंह ने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने केंद्र सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
संबंधन करते हुए डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हैं। चुनाव आयोग पर देश के करोड़ों मतदाताओं का विश्वास कायम रहना चाहिए। यदि मतदाता सूची में अनियमितताओं अथवा चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के शांतिपूर्ण विरोध के दौरान पुलिस द्वारा कथित धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार की घटनाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है और सरकार को आलोचना का जवाब संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर देना चाहिए।
डॉ. बालमुचू ने मांग की कि चुनाव आयोग से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो, मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और चुनाव व्यवस्था को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाए।
पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि मताधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना निर्वाचन आयोग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। मतदाता सूची से किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटना लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है। यदि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो संबंधित अधिकारियों को तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार को विपक्ष की आवाज सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर उचित कार्रवाई की मांग की।
पूर्व जिला अध्यक्ष रवींद्र कुमार झा ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विपक्ष का काम सरकार की नीतियों और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना है। इन सवालों का जवाब संवाद, तथ्यों और संवैधानिक मर्यादाओं के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, नाम हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इन मामलों की पारदर्शी जांच से ही जनता का विश्वास मजबूत हो सकता है।
रवींद्र कुमार झा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार से विपक्षी नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में जवाबदेही तय करने तथा चुनाव आयोग से संबंधित शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। कार्यकारीअध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पोशाक और काली पगड़ी पहनकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े राजनीतिक सवालों पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता, चुनाव आयोग की जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक कार्रवाई की जाए तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच हो। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतपत्रों के माध्यम से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग भी दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष होना और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना आवश्यक है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उसका संघर्ष जारी रहेगा। कार्यक्रम का संचालन एवं प्रबंधन कार्य संजय सिंह आजाद उपाध्यक्ष (संगठन) ने किया।
इस अवसर पर काला दिवस एवं प्रदर्शन कार्यक्रम को सफल बनाने एवं समर्थन देने वाले नेताओं में सुबोध सिंह सरदार, राजकिशोर यादव, परविंदर सिंह सोहल, राकेश तिवारी प्रदेश प्रवक्ता, ब्रजेन्द्र तिवारी, अखिलेश सिंह यादव, चंदन सिंह, रईस रिजवी छब्बन, किशनलाल महतो, आशुतोष सिंह, शाहिद इकबाल, रजनीश सिंह, अविनाश सिंह, अरूण यादव, अशोक सिंह, योगेन्द्र सिंह यादव, नलिनी सिन्हा, शैलेश पाण्डेय, अतुल गुप्ता, कौशल प्रधान, फिरोज खान, शफी अहमद खान, हरिराम टुडू, गुरदीप सिंह सोहल, के के शुक्ल, राजकुमार वर्मा, सुल्तान अहमद सुब्रतो दास, अजय कुमार सिंह, अमरजीत नाथ मिश्र, देबु चटर्जी, अंसार खान, जयराम हाॅसदा, खगेनचन्द्र महतो, लखिंदर करूवा, सुरेंद्र शर्मा, ज्योति मिश्र, नवल किशोर सिंह, ऊषा सिंह, सुनील प्रसाद, राजेश चौधरी, मकसूद आलम, समरेन्द्र तिवारी, सुखदेव सिंह मल्ली, शमशेर आलम, तोता महाली, अरूण त्रिपाठी, सानिया दीप, संध्या दास, नमिता सिंह, फरहत बेगम, रीता शर्मा, शबाना परवीन, शिल्पी चक्रवर्ती, अरूण त्रिपाठी, राजा ओझा, अजय शर्मा, सन्नी सिंह, ईशान पात्रा, फागु सोरेन, उदय कुमार सिंह, अरूण सिंह, शिबू सिंह, अनिल सिंह, आशीष ठाकुर, राजेश कुमार, मुन्ना मिश्र, देवशरण सिंह, रंजन सिंह, सुरज मुण्डा, सुभाष उपाध्याय, लक्की शर्मा, कृष्णा लोहार, जे एस पदरी, संजय झा संत, सपन सरदार, संजय यादव, नरेंद्र कुमार,
रजिन्दर सिंह, निरंजन सिंह, आदित्य सामल, मुईनुद्दीन खान, सिकन्दर अंसारी, विवेक गुंडूवा, असलम खान, बिन्दा सोरेन, गौतम बसु, निमाय, कृष्णा पासवान, अरुण बारीक, अजय पांडे, दुर्गा प्रसाद, चंदन यादव, नारायण दे, राजनारायण यादव, रवि यादव, रूबी ठाकुर, विजय बर्मन, राजू वर्मा, धनंजय उपाध्याय, आरके राजू, मृत्युंजय लाल, बबलू दास, बीरबल कुमार, संतोष कुमार, रवि कुमार रंजन, प्रमोद कुमार, नाज परवीन, अखिलेश मिश्रा, संजय यादव, विनय कुमार, शशि कुमार, शब्बीर उर्फ लालबाबू, गौरी देवी, नीरज तिर्की, अमरेश कुमार ठाकुर, शमशेर आलम, प्रेम टुडू, राकेश साहू, रवि करुआ, बबलू नौशाद, गुरदीप सिंह सोहल, तोता माली, अजय यादव, जयराम हाॅसदा सहित कांग्रेसजन शामिल हुए।

