विद्या भारती चिन्मया विद्यालय, टेल्को में रक्षाबंधन के अवसर पर एक विशेष राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
जिसमें 343 बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों के इस प्रयास, कलात्मक कौशल और देशभक्ति से भरे उत्साह को शब्दों में समेटना असंभव है। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति, कला और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ आज के डिजिटल युग में डाक विभाग की महत्ता से परिचित कराना था

जमशेदपुर- विद्या भारती चिन्मया विद्यालय, टेल्को में रक्षाबंधन के अवसर पर एक विशेष राखी मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
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जिसमें 343 बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों के इस प्रयास, कलात्मक कौशल और देशभक्ति से भरे उत्साह को शब्दों में समेटना असंभव है।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भारतीय संस्कृति, कला और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ आज के डिजिटल युग में डाक विभाग की महत्ता से परिचित कराना था।
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प्रतियोगिता और कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
कलात्मकता और सांस्कृतिक पहचान: छात्राओं ने तरह-तरह की हस्तनिर्मित (Handmade) राखियां बनाईं, जिनमें भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाली सुंदर मंडाला (Mandala) आर्ट राखियां भी शामिल थीं।
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विशिष्ट हस्तियों और सेना के जवानों को भेजी गईं राखियां: बच्चों ने अपनी हाथों से बनी राखियां सीमा पर तैनात देश के जाबाज़ सिपाहियों, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, झारखंड के मुख्यमंत्री, जिले के उपायुक्त (DC East Singhbhum), वरीय आरक्षी अधीक्षक (SSP) और चेशायार होम के लिए डाक के माध्यम से भेजीं।
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डाक विभाग (Postal Department) की सराहनीय पहल: इस आयोजन में डाक विभाग की टीम भी मौजूद रही, जिन्होंने बच्चों को बताया कि डिजिटल युग (WhatsApp/Email) के दौर में भी स्पीड पोस्ट और डाक प्रणाली के ज़रिए राखियां सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुँचाई जाती हैं।
छात्रों और शिक्षकों के विचार:
विद्यार्थियों का उत्साह: कक्षा 7 की छात्रा अलेज़ा अली, कक्षा 6 की अवनी, कक्षा 7 की साईं प्रभात नायक, कक्षा 8 की निर्जरा चौधरी और कक्षा 6 के आरव प्रसाद ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता से उन्हें अपनी रचनात्मकता (Creativity) निखारने और कला-शिल्प सीखने के साथ-साथ भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और देश के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त करने का अद्भुत अवसर मिला।
शिक्षकों का संदेश: विद्यालय की प्राचार्या एवं वरिष्ठ शिक्षिकाओं ने डाक विभाग की इस अनूठी पहल के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में देशभक्ति, सांस्कृतिक मूल्य और एक साथ मिलकर काम करने (Teamwork) की भावना मजबूत होती है।
यह आयोजन बच्चों की प्रतिभा, रक्षाबंधन के प्रति उनके स्नेह और राष्ट्र के प्रति अगाध समर्पण का एक जीवंत उदाहरण बना।



