कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने दिया राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को प्रेरित करते हुए कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है। इसलिए स्वतंत्रता की रक्षा करना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र को भी प्राप्त हो

कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने दिया राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार को प्रेरित करते हुए कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है। इसलिए स्वतंत्रता की रक्षा करना और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपने व्यक्तिगत भविष्य के निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माण में भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र को भी प्राप्त हो।
श्री सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, परिश्रम और समर्पण के साथ कार्य करेंगे तथा भारत की एकता, अखंडता, शांति और विकास को मजबूत करने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने सभी से “राष्ट्रहित सर्वोपरि” की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
पतत्रि माली ने समझाया तिरंगे के सम्मान का महत्व
कार्यक्रम में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सुश्री पतोत्रि माली ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, गरिमा एवं आदर के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक भारतीय के लिए अत्यंत सम्माननीय है और इसके प्रति सम्मान की भावना हमारे राष्ट्रीय चरित्र का हिस्सा होनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एनएसएस का उद्देश्य केवल कार्यक्रमों का आयोजन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने सभी NSS स्वयंसेवकों से अपील की कि वे समाज के बीच जाकर सकारात्मक संदेश फैलाएं और लोगों को जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।
विश्वविद्यालय परिवार की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एनएसएस स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों में तिरंगे के प्रति विशेष उत्साह एवं गौरव की भावना देखने को मिली।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता से संबंधित संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को जागरूक किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं प्रगति के लिए कार्य करने की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
राष्ट्रसेवा एवं सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर यह संदेश दिया गया कि “हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी का स्मरण कराने वाला जन-अभियान है। सोना देवी विश्वविद्यालय की इकाई द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने, जन-जागरूकता फैलाने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ कीताडीह गांव में भी देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत किया। विश्वविद्यालय परिवार ने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी NSS के माध्यम से समाजोपयोगी एवं राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा।
तिरंगा हमारी शान है, भारत हमारी पहचान है; राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा करना हम सभी का महान दायित्व है।



