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न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का सातवां दिन भक्तिरस में हुआ सराबोर, रामानंद दास जी महाराज की कथा और भजनों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, गुरुवार को इशरत जहां की भजन संध्या

गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के सातवें दिन बुधवार को प्रातः काल से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया

न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का सातवां दिन भक्तिरस में हुआ सराबोर, रामानंद दास जी महाराज की कथा और भजनों ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर, गुरुवार को इशरत जहां की भजन संध्या

जमशेदपुर- गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के सातवें दिन बुधवार को प्रातः काल से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप मंत्रोच्चार के बीच दैनिक पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश पूजन एवं वेदी पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं की सहभागिता से हवन अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। इस दौरान यज्ञशाला की परिक्रमा में महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।

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संध्याकाल में श्री अयोध्याधाम से पधारे पूज्य रामानंद दास जी महाराज ने संगीतमय कथा में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। उन्होंने विशेष रूप से 'चिंता' भगवान को समर्पित करने का संदेश दिया। कहा कि मनुष्य ईश्वर का ही अंश है, परंतु वह मायाजाल में फंसकर अपने वास्तविक स्वरूप को भूल बैठा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि कथा के दक्षिणा के रूप में धन नहीं, बल्कि अपनी सभी चिंताओं को भगवान को अर्पित करें। उन्होंने कहा कि अपनी सभी चिंताओं को भगवान पर छोड़ दें और उन पर पूर्ण विश्वास रखें। इस दौरान भक्ति गीतों और मधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। कथा समापन के पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।

गुरुवार को प्रसिद्ध भजन गायिका इशरत जहां की भजन संध्या नौ दिवसीय महायज्ञ के अंतर्गत गुरुवार की रात्रि 8 बजे मुंबई से पधार रहीं प्रसिद्ध भजन गायिका इशरत जहां अपनी भक्ति संध्या की प्रस्तुति देंगी। उनके आगमन को लेकर आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां की हैं। इशरत जहां अपने मधुर भजनों, भक्तिमय प्रस्तुतियों और मंचीय गायन के लिए देशभर में विशेष पहचान रखती हैं। वे “राइजिंग स्टार” एवं “सुरवीर” (महुआ प्लस) जैसे चर्चित रियलिटी शो में अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। रामभक्ति और देवी-भजनों की मधुर प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध इशरत जहां की भजन संध्या को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर भक्ति संध्या का लाभ उठाने की अपील की है।

इस दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय, संजय सिंह, महेश शर्मा, हरेराम यादव, प्रेम झा, लाल बाबू यादव, सन्नी सिंह चौहान, आदित्य ओझा, कृष्णा कुमार, अवनीश सिंह चिंटू, महेश शर्मा, अवधेश सिंह, सत्येंद्रनाथ सिंह, अजय तिवारी, गोपाल शर्मा, पप्पू यादव, निशांत सिन्हा, नीरज मिश्रा, अनिल सिंह, देबाशीष झा, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, सुरेश दास, अजय लाला, सोनू समेत समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

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