लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन
लोको रिक्रिएशन क्लब के तत्वाधान में रेलवे लोको कॉलोनी में सात दिवसीय पहाड़ी पूजा का शुभारंभ हुआ। बुधवार की रात सैकड़ो भक्तों के बीच गोल पहाड़ी स्थित मंदिर से चलकर मां पहाड़ी लोको कॉलोनी स्थित पूजा मंडप में विराजमान हुई

लोको कॉलोनी में हुआ मां पहाड़ी का आगमन



जमशेदपुर-लोको रिक्रिएशन क्लब के तत्वाधान में रेलवे लोको कॉलोनी में सात दिवसीय पहाड़ी पूजा का शुभारंभ हुआ। बुधवार की रात सैकड़ो भक्तों के बीच गोल पहाड़ी स्थित मंदिर से चलकर मां पहाड़ी लोको कॉलोनी स्थित पूजा मंडप में विराजमान हुई।



इससे पूर्व संध्या 7:00 बजे जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी ने वक्त पूजा का उद्घाटन किया मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष पंकज सिंह विशिष्ट अतिथि, एवं समाजसेवी राज कुमार सिंह सम्मानित अतिथि के रूप में योगदान दिया।



अतिथियों ने लोको कॉलोनी पहाड़ी मंडप में स्थापित प्रतिमा के समक्ष नारियल फोड़ कर मत्था ठेका फिर आरती उतार कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया इसके बाद गाजे बाजे से लैस भक्तों की टोली मां पहाड़ी को लाने के लिए लोको कॉलोनी से गोल पहाड़ी के लिए प्रस्थान कर गए।



रात 10:30 बजे लोको पहुंची मां पहाड़ी
मां पहाड़ी को लाने गए भक्त रात के 8:30 बजे गोलपहाड़ी पहुंचे इसके बाद मां को मनाने के लिए आराधना शुरू हुई रात के 9:15 बजे मां पहाड़ी के मत्थे से मुख्य डलिया मे कुछ फूल गिरा इसके बाद डलिया को हल्दी के लेप से मां पहाड़ी का रूप दिया गया और फिर सैकड़ो भक्तों के जयकारे के बीच मां पहाड़ी लोको कॉलोनी के लिए निकल पड़ी लोको कॉलोनी की सीमा में माता का प्रवेश रात के 10:30 बजे हुआ



आशीर्वाद ग्रहण करने वालों का ताँता
लोको कॉलोनी में प्रवेश करते ही माता के चरण पखार कर आशीर्वाद लेने वालों का ताँता लग गया यह सिलसिला रात के 11:45 बजे तक चला जब तक की मां पूजा मंडप में प्रवेश नहीं कर गई।


यहां खड़गपुर से आए पुजारी परमेश्वर एवं लोको पहाड़ी मंदिर के मुख्य पुजारी देवेंद्र पाडी ने विशेष पूजा अर्चना के बाद मां पहाड़ी की मुख्य डलिया को पूजा मंडप में स्थापित कर दिया गया।

आज से होगा नगर भ्रमण गुरुवार से
मां पहाड़ी नगर भ्रमण पर निकलेगी मां पहाड़ी के साथ उनके सात बहने भी कलश लेकर चलेगी मां पहाड़ी के माथे पर मुख्य डलिया होगा जबकि कलश लेकर चलने वाली वैसी महिलाएं अथवा युवतियाँ होगी जिन्होंने कुछ मिनट मांग रखी है अथवा जिनकी मिन्नतें पूरी हुई हो।



