महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर केंद्र सरकार करेगी दो वर्षीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का आयोजन पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय समिति में विधायक पूर्णिमा साहू को मिली अहम जिम्मेदारी, संस्कृति मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
देश के महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ऐतिहासिक रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलने वाले दो-वर्षीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य ज्योतिबा फुले के विचारों और सामाजिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है। इस राष्ट्रीय आयोजन के संचालन के लिए केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय व्यवस्था तैयार की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में गठित राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (एनआईसी) को 6 अप्रैल 2026 को औपचारिक मंजूरी दी गई, जिसकी अधिसूचना संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी की गई

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर केंद्र सरकार करेगी दो वर्षीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का आयोजन पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय समिति में विधायक पूर्णिमा साहू को मिली अहम जिम्मेदारी, संस्कृति मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
नई दिल्ली/ जमशेदपुर- देश के महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को ऐतिहासिक रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलने वाले दो-वर्षीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य ज्योतिबा फुले के विचारों और सामाजिक योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है। इस राष्ट्रीय आयोजन के संचालन के लिए केंद्र सरकार ने बहुस्तरीय व्यवस्था तैयार की है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में गठित राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति (एनआईसी) को 6 अप्रैल 2026 को औपचारिक मंजूरी दी गई, जिसकी अधिसूचना संस्कृति मंत्रालय द्वारा जारी की गई।
पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में बनेगी रणनीति, देशभर की दिग्गज हस्तियां शामिल
पूरे आयोजन की निगरानी और नीति निर्धारण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 126 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति में देश की शीर्ष राजनीतिक, न्यायिक और सामाजिक हस्तियों को शामिल किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, राम नाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई और के.जी. बालकृष्णन जैसे दिग्गजों की मौजूदगी इस समिति की गरिमा को और बढ़ाती है। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत भी इसमें शामिल हैं।
समिति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहित 34 केंद्रीय मंत्रियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा सांसद एस फांग्नोन कोन्यक, आर कृष्णैया, अमोल कोल्हे, ज्योति वाघमारे, पी.टी. उषा और उपेंद्र कुशवाहा जैसे जनप्रतिनिधियों को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
झारखंड के लिए गर्व का क्षण, विधायक पूर्णिमा साहू को मिला राष्ट्रीय मंच
इस उच्च स्तरीय समिति में झारखंड से एकमात्र महिला सदस्य के रूप में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू को शामिल किया गया है। यह उनके व्यक्तिगत राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने इस जिम्मेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं और पिछड़ों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष आज भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि यह दो-वर्षीय स्मरणोत्सव एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों से जोड़ना और समाज में समानता व न्याय की भावना को और मजबूत करना है
समिति तय करेगी नीति, कार्यक्रम और समयसीमा
यह समिति दो वर्षों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय समारोह की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करेगी। नीतिगत दिशा-निर्देश तय करने से लेकर कार्यक्रमों की स्वीकृति, निगरानी और क्रियान्वयन तक की जिम्मेदारी इसी समिति के पास होगी। साथ ही, यह आयोजन को प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए समयसीमा और रणनीति भी निर्धारित करेगी।



