झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रियाजुद्दीन खान ने आज भाजपा द्वारा आयोजित झारखंड बंद को पूरी तरह विफल बताया और कहा कि सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे , काम काज रोजमर्रा की तरह चलता रहा बाजार पूरी तरह खुल रहा
भाजपा द्वारा घोषित झारखंड बंद को जनता ने बाजार के दुकानदार भाइयों ने, उपभोक्ता बंधुओ ने पूरी तरह से नकार दिया और अपने काम धंधे एवं व्यवसाय में रोज की तरह आज भी लगे रहे । भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने बंद करवाने का असफल प्रयास जरूर किया लेकिन व्यवसायों ने, दुकानदार भाइयों ने एवं आम जनता ने बंद करने वालों का साथ नहीं दिया और बंद से अपने आप को दूर रखा। बाजार एवं प्रतिष्ठान पूरी तरह खुले रहे । बंद कराने में ना छात्र इनके साथ रहे, ना मजदूर इनके साथ दिखे ना ही व्यापारियों ने इसका समर्थन किया। अंततोगत्वा यह झारखंड बंद पूरी तरह विफल रहा हकीकत यह है कि भाजपा को ना छात्रों के हितों से कोई मतलब है ना ही शिक्षा में सुधार लाने में इनकी कोई रुचि है

जमशेदपुर- झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रियाजुद्दीन खान ने आज भाजपा द्वारा आयोजित झारखंड बंद को पूरी तरह विफल बताया और कहा कि सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान सामान्य रूप से खुले रहे , काम काज रोजमर्रा की तरह चलता रहा बाजार पूरी तरह खुल रहा
भाजपा द्वारा घोषित झारखंड बंद को जनता ने बाजार के दुकानदार भाइयों ने, उपभोक्ता बंधुओ ने पूरी तरह से नकार दिया और अपने काम धंधे एवं व्यवसाय में रोज की तरह आज भी लगे रहे । भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने बंद करवाने का असफल प्रयास जरूर किया लेकिन व्यवसायों ने, दुकानदार भाइयों ने एवं आम जनता ने बंद करने वालों का साथ नहीं दिया और बंद से अपने आप को दूर रखा। बाजार एवं प्रतिष्ठान पूरी तरह खुले रहे । बंद कराने में ना छात्र इनके साथ रहे, ना मजदूर इनके साथ दिखे ना ही व्यापारियों ने इसका समर्थन किया। अंततोगत्वा यह झारखंड बंद पूरी तरह विफल रहा
हकीकत यह है कि भाजपा को ना छात्रों के हितों से कोई मतलब है ना ही शिक्षा में सुधार लाने में इनकी कोई रुचि है।
अगर छात्रों से कोई हमदर्दी होती या सिस्टम में कोई आमूल- चूल परिवर्तन करने की मंशा होती तो दिल्ली के जंतर मंतर में छात्र महीनों अनशन पर नहीं रहते और पुलिस द्वारा प्रताड़ित नहीं होते । समय रहते इसका समाधान कर दिया गया होता और स्थिति बिगड़ने की नौबत नहीं आती।धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के दबाव में लिया गया कदम था । शिक्षा व्यवस्था में सुधार की इनकी मनसा दूर-दूर तक कहीं दिख नहीं रही है।
भाजपा दिल्ली की अपनी असफलता का ठीकरा अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर फोड़ना चाहती है जो सफल होने वाली नहीं है।
झारखंड के छात्र भाजपा के राजनीतिक षड्यंत्र को समझ गए हैं और अब वह बाहरी तत्वों के बहकावें में आने वाले नहीं हैं।
झारखंड की इंडिया गठबंधन की सरकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एकजुट है और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए कृत संकल्प हैं और उनकी मांगों के प्रति सकारात्मक कदम उठा रही है जो जल्द ही सामने दिखेगा।




