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एनआईटी जमशेदपुर में छात्र परिषद का गठन, श्रीनिवास प्रसाद अध्यक्ष और श्रेया शर्मा महासचिव मनोनीत

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र परिषद का गठन किया गया। छात्र परिषद में श्रीनिवास प्रसाद को अध्यक्ष तथा श्रेया शर्मा को महासचिव मनोनीत किया गया है। परिषद में प्रखर आनंद को खेल सचिव, आदित्य सिंह को सांस्कृतिक सचिव, अनुज कुमार को तकनीकी सचिव, कुमारी श्रेया को क्लब सचिव, आदित्य राज को पूर्व छात्र सचिव तथा राहुल कुमार और रम्या को पीजी प्रतिनिधि बनाया गया है

एनआईटी जमशेदपुर में छात्र परिषद का गठन, श्रीनिवास प्रसाद अध्यक्ष और श्रेया शर्मा महासचिव मनोनीत

आदित्यपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र परिषद का गठन किया गया। छात्र परिषद में श्रीनिवास प्रसाद को अध्यक्ष तथा श्रेया शर्मा को महासचिव मनोनीत किया गया है।

परिषद में प्रखर आनंद को खेल सचिव, आदित्य सिंह को सांस्कृतिक सचिव, अनुज कुमार को तकनीकी सचिव, कुमारी श्रेया को क्लब सचिव, आदित्य राज को पूर्व छात्र सचिव तथा राहुल कुमार और रम्या को पीजी प्रतिनिधि बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त मनीष जांगिड़ और पुष्कर बर्नवाल को उपाध्यक्ष, आर्यन कुमार सिंह और सानिया जमाल को संयुक्त खेल सचिव, क्रिश कुमार और निधि कुमारी को संयुक्त सांस्कृतिक सचिव, देव कुमार और अवनी माहेश्वरी को संयुक्त तकनीकी सचिव, विवेक कुमार महथा और अनमोल अमर को संयुक्त पूर्व छात्र सचिव तथा आदितांशु पांडेय और जानवी कुमारी को संयुक्त सचिव मनोनीत किया गया है।

इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने नवगठित छात्र परिषद के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र परिषद संस्थान में छात्र-हितों और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने परिषद के सदस्यों से अपेक्षा की कि वे जिम्मेदारी, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए छात्रों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा संस्थान की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, तकनीकी एवं खेल गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान दें।

छात्र परिषद का मुख्य उद्देश्य छात्रों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करना, विभिन्न छात्र गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन करना तथा छात्र समुदाय और संस्थान प्रशासन के बीच मजबूत एवं सकारात्मक संवाद स्थापित करना है। नवगठित परिषद से संस्थान में छात्र सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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