न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के चौथे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक अनुष्ठान और संगीतमय कथा से भक्तिमय हुआ वातावरण
बिना सत्संग के जीवन में विवेक का उदय संभव नहीं - पंडित लाल मोहन शास्त्री

न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के चौथे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, वैदिक अनुष्ठान और संगीतमय कथा से भक्तिमय हुआ वातावरण
बिना सत्संग के जीवन में विवेक का उदय संभव नहीं – पंडित लाल मोहन शास्त्री

जमशेदपुर- गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के चौथे दिन रविवार को आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अदभुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन तथा जयघोष से भक्तिमय बना रहा। महायज्ञ के चौथे दिन पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप दैनिक पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश पूजन एवं वेदी पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं की सहभागिता से हवन अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। यज्ञशाला में उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज और राष्ट्र के सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। महिला श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर मंगलमय जीवन और पारिवारिक सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
संध्याकाल में बनारस से पधारे कथावाचक डॉ. मनोज मिश्रा दाऊजी, बक्सर से आए हलचल बाबा तथा वृंदावनधाम से पधारे हिमांशु जी महाराज ने संगीतमय कथा प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान सुंदरकांड के विभिन्न प्रसंगों, सत्संग की महिमा, सनातन धर्म की परंपरा, भारतीय संस्कृति की गरिमा तथा आदर्श जीवन मूल्यों पर आधारित प्रेरक प्रसंगों का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया गया। कथाव्यासों ने अपने ओजस्वी वचनों से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और सदाचार के पथ पर चलने का संदेश दिया।
कथाव्यासों के मुखारविंद से निकले भक्ति गीतों और मधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री लक्ष्मीनारायण’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि बिना सत्संग के मनुष्य के भीतर विवेक का उदय संभव नहीं है और बिना प्रभु श्रीराम की कृपा के सत्संग की प्राप्ति भी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि राम कृपा का महात्म्य अनंत है, और जिस जीवन में सत्संग, संस्कार और श्रद्धा का संगम होता है, वही जीवन वास्तव में सार्थक बनता है
महायज्ञ एवं कथा में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, दैनिक जागरण के संपादक उत्तम नाथ पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका डॉ. अनिता शर्मा, भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह, भाजपा जिला महामंत्री राजीव सिंह, ब्रह्मर्षि विकास मंच के अध्यक्ष रामनारायण शर्मा, सुधीर सिंह, मुकेश शर्मा, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष जसबीर सिंह सिरे, मनीष सिंह, ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष मुन्ना चौबे, बिनोद कुमार सिंह, प्रकाश दुबे समेत अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मंच संचालन आयोजन समिति के सदस्य प्रेम झा ने किया। समापन के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर के नेतृत्व में बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, राजेश सिंह, सोनू चौधरी, शैलेश पांडेय, हरेराम यादव, लाल बाबू यादव, नीरज सिंह, पप्पू यादव, गोपाल शर्मा, शशि सिंह, सन्नी सिंह चौहान, नीरज मिश्रा, प्रवीण झा, अनिल सिंह, देबाशीष झा, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, संजय सिंह, सुरेश पांडेय, सुरेश दास, अजय सिंह सहित समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।




