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कांग्रेस-इंडी गठबंधन हुआ बेनकाब, लोकसभा में आरक्षण विधेयक गिराकर आधी आबादी का हक छीना – सांसद मनीष जायसवाल

33% महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने सोमवार को बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला

कांग्रेस-इंडी गठबंधन हुआ बेनकाब, लोकसभा में आरक्षण विधेयक गिराकर आधी आबादी का हक छीना – सांसद मनीष जायसवाल

जमशेदपुर- 33% महिला आरक्षण कानून से जुड़े संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने पर भाजपा जमशेदपुर महानगर ने सोमवार को बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के प्रयाग कक्ष में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला संवाददाता सम्मेलन में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर आधी आबादी को उनके अधिकार से वंचित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं को उनका संवैधानिक हक देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था

लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे राजनीतिक स्वार्थ में डुबो दिया। देश की आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने का मौका था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोककर महिलाओं के साथ अन्याय किया संवाददाता सम्मेलन में भाजपा झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप साही, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलु मछुआ, पोटका विस की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, महिला नेत्री शुक्ला हलदर, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा मौजूद रहे।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बीते वर्षों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ठोस कदम उठाए। करोड़ों शौचालयों का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं के नाम स्वामित्व और मुद्रा योजना के जरिए महिलाओं को उद्यमी बनाना। इसके बावजूद जब महिलाओं को 33% आरक्षण देने का समय आया, तो विपक्ष ने बाधा खड़ी कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में पहले से ही जनगणना और परिसीमन (डीलिमिटेशन) का प्रावधान है। वर्तमान संशोधन का उद्देश्य केवल यह था कि प्रक्रिया में देरी न हो और 2029 तक महिलाओं को आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। सरकार ने हर राज्य के साथ समान न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीटों में 50% की समान वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, ताकि किसी राज्य के राजनीतिक अधिकारों को नुकसान न पहुंचे।
अमित शाह के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए श्री जायसवाल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की मांग पर सीटों का पूरा विवरण देने तक की बात कही, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष का रवैया नकारात्मक ही रहा। उनका उद्देश्य सिर्फ मोदी सरकार को श्रेय लेने से रोकना था। कांग्रेस के इतिहास पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 1990 के दशक से लेकर अब तक महिला आरक्षण बिल को बार-बार टालने का काम कांग्रेस ने ही किया है। जब सत्ता में रही, तब भी पास नहीं कराया और अब भी वही नीति जारी है। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जश्न मनाना महिलाओं के सम्मान का खुला अपमान है। देश की माताएं-बहनें सब देख रही हैं और आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देंगी।
उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस विधेयक को फिर से पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। महिलाओं के सम्मान और अधिकार के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

वहीं,संवाददाता सम्मेलन में झारखंड भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक भानु प्रताप साही ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सुनियोजित तरीके से देश की आधी आबादी के राजनीतिक अधिकारों की हत्या करने का काम किया है। भानु प्रताप साही ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और अब उन्हें कानून निर्माण में भागीदारी देने की बारी थी। हम 33% आरक्षण देना चाहते हैं, लेकिन 60 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस एक प्रतिशत भी नहीं देना चाहती और अब 33% को भी रोक रही है। उन्होंने झारखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि एकीकृत बिहार के समय पंचायती राज में महिलाओं को आरक्षण नहीं था, लेकिन भाजपा की अर्जुन मुंडा सरकार ने 50% आरक्षण लागू कर महिलाओं को सशक्त बनाया। भाजपा की नीयत और नीति दोनों साफ है। हम महिला आरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। झारखंड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि राज्य में 20 वर्षों से डिलिमिटेशन लंबित है और यदि यह लागू होता है तो 81 विधानसभा सीट बढ़कर 120-125 तक हो सकती हैं, जिससे महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने झामुमो पर भी निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन पर सवाल उठाया कि वे डिलिमिटेशन का समर्थन क्यों नहीं कर रहीं। जब सीटें बढ़ेंगी, तब अधिक महिलाओं को आरक्षण मिलेगा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। लेकिन वे झारखंड की महिलाओं के साथ भी धोखा कर रहे हैं।
श्री शाही ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन चलाएगी। 25 अप्रैल को राज्यस्तरीय पैदल मार्च और 30 अप्रैल तक मंडल स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर घर-घर यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि मोदी सरकार महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी इसे रोकने का काम कर रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि देश और झारखंड की महिलाएं इस अपमान का जवाब जरूर देंगी और आने वाले समय में विपक्ष को इसकी भारी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।


जमशेदपुर में नारी शक्ति वंदन बिल के लोकसभा में पास नहीं होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में संवाददाता सम्मेलन आयोजित की। इस दौरान हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल, बीजेपी उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही और पोटका विधानसभा की प्रत्याशी मीरा मुंडा मौजूद रही नेताओं ने बिल पास नहीं होने पर विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि 17 अप्रैल को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल पारित नहीं हो सका, जिससे देश की आधी आबादी को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि अगर यह बिल पास हो जाता तो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलता और वे और अधिक सशक्त होतीं। उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और उसके गठबंधन पर देश को पीछे ले जाने का आरोप लगाया। सांसद ने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और शौचालय निर्माण जैसी पहल शामिल हैं। वहीं बीजेपी नेता भानु प्रताप शाही ने कहा कि 25 अप्रैल को पूरे प्रदेश में पदयात्रा निकाली जाएगी और इसके बाद प्रखंड स्तर पर भी विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी गांव-गांव जाकर लोगों तक अपनी बात पहुंचाएगी।


जमशेदपुर के तुलसी भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही, भाजपा महानगर के अध्यक्ष संजीव सिंहा ,भाजपा के वरिष्ठ नेत्री मीरा मुंडा, भाजपा के जिला प्रवक्ता प्रेम झा आदि उपस्थित थे।

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इस अवसर पर भाजपा के हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने कहा है कि पहले जनगणना होगी, परिसीमन होगा, तब आरक्षण विधानसभा एवं लोकसभा में लागू किया जाएगा
उन्होंने कहा कि इसका नोटिफिकेशन 2023 में ही कर दिया गया था। वर्तमान में अभी विभिन्न विधान सभा में 13 से 14% महिलाएं हैं, उसे हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बढ़कर 33% करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे हमारा लक्ष्य महिलाओं को बराबर का दर्जा देना है और इसे 50% तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि एससी और एसटी की सीट बढ़ाए जाएंगे

मनीष जायसवाल ने कहा कि विपक्ष का काम ही है लटकाना, भटकना उन्होंने कहा कि जनगणना करने के बाद इसे हर हाल में हम लोग लागू करवाएंगे।

वहीं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा कि झारखंड में जब अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने पंचायत के राज्य स्तर पर महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू की करवाया था। श्री शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमेशा महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिए हैं। आज प्रधानमंत्री चाहते हैं कि नारी को कानून बनाने का अधिकार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि 2023 में जब कांग्रेस साथ थी, वहीं कांग्रेस 2026 में कैसे इसके विरोध में चली गई

भानु प्रताप शाही ने कहा कि रांची में 25 अप्रैल को विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भाजपा का जन आक्रोश पदयात्रा रहेगा और यह 30 अप्रैल तक सभी जिले और मंडल तक पहुंचेगी।

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