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जमशेदपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं
परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजामदा गांव निवासी 38 वर्षीय राजकिशोर पात्रो के बैंक खाते से बिना उनकी जानकारी के 98 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। पीड़ित ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। राज किशोर पात्रो जो टेल्को टाउन में एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत हैं ने बताया कि उनका बचत खाता पंजाब नेशनल बैंक की आदित्यपुर शाखा में है। उनके अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को उनके खाते से अचानक 98 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि उन्होंने ऐसा कोई लेन-देन नहीं किया
जमशेदपुर- जमशेदपुर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा और डिजिटल फ्रॉड पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज किशोर पात्रो जो टेल्को टाउन में एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत हैं ने बताया कि उनका बचत खाता पंजाब नेशनल बैंक की आदित्यपुर शाखा में है। उनके अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को उनके खाते से अचानक 98 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि उन्होंने ऐसा कोई लेन-देन नहीं किया।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में एक बेहद अहम और चौंकाने वाली बात का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि उसी दिन दोपहर करीब 2 बजे उनका मोबाइल फोन अचानक अपने आप बंद हो गया। काफी कोशिशों के बावजूद फोन चालू नहीं हुआ और करीब 20 मिनट बाद जब मोबाइल फिर से चालू हुआ, तब तक उनके खाते से पूरी राशि निकाली जा चुकी थी। इस घटना ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है, जिससे साइबर फ्रॉड की आशंका जताई जा रही है।
राजकिशोर जब इस मामले की शिकायत लेकर बैंक पहुंचे, तो उनका आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने इस मामले में कोई ठोस जवाब नहीं दिया और जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इससे पीड़ित की चिंता और बढ़ गई है।
घटना के बाद राजकिशोर पात्रो ने परसुडीह थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बैंकिंग धोखाधड़ी के एंगल से हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
इस घटना ने आम लोगों के बीच भी डर और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। सवाल यह उठता है कि अगर बिना किसी जानकारी के इस तरह खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं, तो बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा कितनी मजबूत है?
फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन डिटेल्स के आधार पर जांच में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस पूरे मामले में क्या खुलासा होता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।
इस तरह के मामलों में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्राहक अपने बैंक खाते और मोबाइल को हमेशा सुरक्षित रखें, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से बचें और समय-समय पर अपने खाते की निगरानी करते रहें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।



