जमशेदपुर में बढ़ी हुई बिजली दर और बिजली संकट के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, जेबीवीएनएल के कार्यालय पर किया आक्रोश प्रदर्शन, बढ़ी बिजली दर वापस लेने की मांग की
राज्य में बढ़ी हुई बिजली दर, स्मार्ट मीटर के नाम पर कथित अनियमित बिलिंग और लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को भाजपा ने प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। इसी क्रम में, भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में कदमा, रामनगर उलियान स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के महाप्रबंधक कार्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आक्रोश प्रदर्शन किया

जमशेदपुर में बढ़ी हुई बिजली दर और बिजली संकट के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं का फूटा गुस्सा, जेबीवीएनएल के कार्यालय पर किया आक्रोश प्रदर्शन, बढ़ी बिजली दर वापस लेने की मांग की

जमशेदपुर- राज्य में बढ़ी हुई बिजली दर, स्मार्ट मीटर के नाम पर कथित अनियमित बिलिंग और लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार को भाजपा ने प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। इसी क्रम में, भाजपा जमशेदपुर महानगर के तत्वावधान में कदमा, रामनगर उलियान स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के महाप्रबंधक कार्यालय पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आक्रोश प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और व्याप्त भ्रष्टाचार व बदहाल विद्युत व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। इसके पश्चात, विद्युत महाप्रबंधक के माध्यम से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें बढ़ी हुई बिजली दर को तत्काल वापस लेने सहित कई मांगें रखी गईं।

ज्ञापन में बताया गया कि राज्य सरकार लगातार जनविरोधी निर्णय ले रही है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है। 1 अप्रैल से लागू नई बिजली दरों को आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा महज छलावा साबित हुआ है। भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में 50 पैसे तथा शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 55 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी को अन्यायपूर्ण बताया। भाजपा ने ज्ञापन के माध्यम से बढ़ी हुई बिजली दर को अविलंब वापस लेने, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदलने, अनावश्यक बिजली कटौती पर रोक लगाने और स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही मनमानी वसूली बंद करने की मांग की है।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह सरकार पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। जनता को 200 यूनिट मुफ्त बिजली का सपना दिखाकर अब महंगी बिजली थोपना खुला धोखा है। आज बिजली विभाग का कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ताओं से मनमानी वसूली की जा रही है। कई उपभोक्ताओं को एकमुश्त भारी-भरकम बिल थमाए जा रहे हैं और भुगतान नहीं करने पर बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। इस तरह तो सरकार जनता की जेब काटने में लगी है। कहा कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय पर नहीं बदला जा रहा है एवं मरम्मत के नाम पर बार-बार बिजली कटौती से जनता परेशान है। अगर यह जनविरोधी फैसला वापस नहीं लिया गया तो भाजपा सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिथिलेश सिंह यादव ने कहा कि बिजली की कुव्यवस्था और अनियमित बिलिंग से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बिजली की आंख-मिचौली, फर्जी बिलिंग और स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट, यह सब सरकार की विफलता को दर्शाता है। कहा कि बिना बिजली की गुणवत्ता बढ़ाये और सुविधा दिए बिना बिजली दरों में वृद्धि पूरी तरह से उपभोक्ताओं के साथ धोखा है।
वहीं, व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह ने कहा कि बढ़ी हुई बिजली दर से व्यवसाय और उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला उपाध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि राज्य सरकार लगातार जनविरोधी, गरीब-विरोधी, किसान, दलित, आदिवासी और पिछड़ा विरोधी निर्णय ले रही है, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने 3200 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीद, 450 में गैस सिलिंडर, युवाओं को नौकरी और बेरोजगारी भत्ता जैसे वादों को पूरी तरह विफल बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
आक्रोश प्रदर्शन में निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, बिनोद सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मिथिलेश सिंह यादव व जटाशंकर पांडेय, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, जिला पदाधिकारी बबुआ सिंह, संजीव सिंह, अमरजीत सिंह राजा, रूबी झा, राजीव सिंह, जितेंद्र राय, तन्मय झा, रीना चौधरी, कृष्णा शर्मा काली, संजीत चौरसिया, बिनोद सिंह, अखिल सिंह, अमित सिंह, किशोर ओझा, धर्मेंद्र प्रसाद,
मंजीत सिंह, सागर राय, शैलेश गुप्ता, हरिकिशोर तिवारी, शशांक शेखर, प्रकाश दुबे, चिंटू सिंह, मंडल अध्यक्ष भीम सिंह, बिनोद राय, प्रशांत पोद्दार, रविन्द्र सिसोदिया, रंजीत सिंह, कुमार अभिषेक, अमित मिश्रा, मीरा सिंह, जय शर्मा, लीना चौधरी, उपेंद्र गिरी, अनिमेष सिन्हा, एस कार्तिक, राज सिंह समेत कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।




