एनआईटी जमशेदपुर में M.Des 2026–27 हेतु प्रवेश प्रक्रिया मई के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए अपने मास्टर ऑफ डिज़ाइन (M.Des) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया मई 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ करेगा। यह कार्यक्रम डिज़ाइन एंड इनोवेशन सेंटर (DIC) के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसे लचीले स्वरूप में तैयार किया गया है, जिससे इसे ऑफलाइन तथा हाइब्रिड (ब्लेंडेड) दोनों माध्यमों में संचालित किया जा सके। यह व्यवस्था विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों तथा कार्यरत पेशेवरों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी

एनआईटी जमशेदपुर में M.Des 2026–27 हेतु प्रवेश प्रक्रिया मई के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ
जमशेदपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जमशेदपुर शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए अपने मास्टर ऑफ डिज़ाइन (M.Des) कार्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया मई 2026 के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ करेगा। यह कार्यक्रम डिज़ाइन एंड इनोवेशन सेंटर (DIC) के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसे लचीले स्वरूप में तैयार किया गया है, जिससे इसे ऑफलाइन तथा हाइब्रिड (ब्लेंडेड) दोनों माध्यमों में संचालित किया जा सके। यह व्यवस्था विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों तथा कार्यरत पेशेवरों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।
संस्थान द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अब प्रवेश राष्ट्रीय स्तर की कॉमन एंट्रेंस एग्ज़ामिनेशन फॉर डिज़ाइन (CEED) के माध्यम से भी संभव होगा, जिससे कार्यक्रम की राष्ट्रीय पहुँच और शैक्षणिक गुणवत्ता में और वृद्धि होगी
प्रवेश नियमों के अनुसार यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर डिज़ाइन, कला तथा विज्ञान विषयों में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री धारकों के लिए खुला है। वैध CEED, GATE या NET स्कोर वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। CEED उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को संस्थान की प्रवेश परीक्षा (IAT) से छूट दी जा सकती है तथा उन्हें सीधे साक्षात्कार या पोर्टफोलियो मूल्यांकन के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पात्र अभ्यर्थियों (विशेष रूप से CEED/GATE/NET योग्य) को भारत सरकार के मानकों के अनुसार वृत्ति (स्टाइपेंड) भी प्रदान किया जाएगा।
दो वर्षीय M.Des (प्रोडक्ट डिज़ाइन) कार्यक्रम में उपयोगकर्ता-केंद्रित डिज़ाइन, एर्गोनॉमिक्स, रचनात्मकता तथा इंजीनियरिंग के समेकन पर विशेष बल दिया गया है। यह कार्यक्रम स्टूडियो-आधारित शिक्षण एवं अंतर्विषयक अनुभवों द्वारा समर्थित है। सीमित 20 सीटों के कारण विद्यार्थियों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन सुनिश्चित किया जाता है।
कार्यक्रम के चेयरमैन प्रो. आर. वी. शर्मा (उप-निदेशक) हैं तथा समन्वयक डॉ. अशोक कुमार मोंडल हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा, “यह कार्यक्रम नवाचार और डिज़ाइन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हमें विश्वास है कि यह विद्यार्थियों को रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता के समन्वय के साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में सक्षम बनाएगा
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन करने का अनुरोध किया जाता है।




