भोजपुरी समाज की धरोहर है लोक संस्कृति का पर्व सत्तुवान भोजपुरिभाषियों ने सामूहिक रूप में सत्तू खाकर मनाया सत्तुवान
जमशेदपुर में जिला भोजपुरी साहित्य परिषद एवं संपूर्ण भोजपुरी विकास मंच की ओर से लोक संस्कृति का महान पर्व सत्तुवान चना,मकई एवं जौ का सत्तू,आम के टीकोढा की चटनी,धनियापति,पुदीना की चटनी,आम का आचार,गुड़,प्याज, हरा मिर्चा,नींबू इत्यादि सामूहिक रूप से सेवन कर धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोजपुरी समाज के धरोहर सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष और वरीय साहित्यकार अरबिंद विद्रोही ने किया

भोजपुरी समाज की धरोहर है लोक संस्कृति का पर्व सत्तुवान
भोजपुरिभाषियों ने सामूहिक रूप में सत्तू खाकर मनाया सत्तुवान
जमशेदपुर- आज जमशेदपुर में जिला भोजपुरी साहित्य परिषद एवं संपूर्ण भोजपुरी विकास मंच की ओर से लोक संस्कृति का महान पर्व सत्तुवान चना,मकई एवं जौ का सत्तू,आम के टीकोढा की चटनी,धनियापति,पुदीना की चटनी,आम का आचार,गुड़,प्याज, हरा मिर्चा,नींबू इत्यादि सामूहिक रूप से सेवन कर धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोजपुरी समाज के धरोहर सिंहभूम जिला भोजपुरी साहित्य परिषद के अध्यक्ष और वरीय साहित्यकार अरबिंद विद्रोही ने किया।
इस अवसर पर भोजपुरी भाषियों ने अपने अपने संबोधन में कहा कि – सत्तुवान भोजपुरी संस्कृति की काल बोधक पर्व है,हिन्दू पतरा में सौर मास के हिसाब से सूरज जब कर्क रेखा से दक्षिण की जाते है तभी ये महान सत्तुवान पर्व मनाया जाता है। भोजपुरिया समाज आज के दिन नदी में स्नान,पूजा के बाद जौ के सत्तू,कच्चा आम के टिकोरा,गुड़ गरीब असहाय को दान,ईस्ट देवता,ब्रह्म बाबा आदि को चढ़ा कर प्रसाद के रूप में नया अन्न को ग्रहण किया जाता है।यह सत्तुवान पर्व संस्कृति के सचेतना,मानव जीवन मे उल्लास एवं सामाजिक सदभाव व प्रेम प्रदान करता है।
इस सत्तुवानी पर्व में संपूर्ण भोजपुरी विकास मंचके महामंत्री प्रदीप सिंह भोजपुरिया, यमुना तिवारी हर्षित, मुस्कान के अध्यक्ष सह टी एस पी डी एल के सहसचिव शशि भूषण मिश्रा,कौशलेश कुमार,मसूद खान,उदय प्रताप हयात,मुन्ना चौबे,राजेश पांडेय, राजेश भोजपुरिया,डॉ0 अजय किशोर चौबे,जगदीश मिश्रा,विजय किशोर चौबे,रंजन दुबे,राजेश राय,राम बिनोद सिंह,कैलाश सिंह,राजेश देशप्रेमी,बलविंदर सिंह,अनिल गिरी,जितेश तिवारी,बिमल कुमार बिमल,रमेश हंसमुख,श्याम सुंदर पांडेय, इत्यादि भारी संख्या में भोजपुरी भाषी उपस्थित थे।




