बाबू कुँवर सिंह की वीरता पूरे विश्व के लिए प्रेरणा – राष्ट्र सदैव कृतज्ञ रहेगा – काले
वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा हैं बाबू वीर कुंवर सिंह - जयप्रकाश राय

बाबू कुँवर सिंह की वीरता पूरे विश्व के लिए प्रेरणा – राष्ट्र सदैव कृतज्ञ रहेगा – काले
वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा हैं बाबू वीर कुंवर सिंह – जयप्रकाश राय

बाबू कुंवर सिंह के आदर्शों को अपनाकर ही बनेगा सशक्त राष्ट्र – वरुण कुमार
राष्ट्रहित सर्वोपरि, यही बाबू कुंवर सिंह का संदेश – राजीव कुमार
बाबू कुंवर सिंह अमर रहें के जयघोष से गूंज उठा नमन कार्यालय
नमन परिवार ने बाबू वीर कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर अर्पित की शौर्यमय श्रद्धांजलि
जमशेदपुर – 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के बलिदान दिवस पर नमन परिवार द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं एवं शहर के गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।संस्थापक अमरप्रीत सिंह काले, शहर से बाहर होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह माँ धन्य है जिसने बाबू कुँवर सिंह जैसे वीर अमर बलिदानी को जन्म दिया, जिनकी वीरता आज भी विश्व के लिए प्रेरणा है।
वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश राय ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह का जीवन अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। विपरीत परिस्थितियों में भी उनका संघर्ष हर भारतीय को देशहित सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संस्थापक वरुण कुमार ने कहा कि बाबू कुंवर सिंह के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और उनके पदचिह्नों पर चलकर ही सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
राजीव कुमार ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। वर्तमान समय में उनके विचार हमें व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर नीरू सिंह, राम केवल मिश्रा, ओमकार ठाकुर सहित अन्य वक्ताओं ने भी उनके बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन धनुर्धर त्रिपाठी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जुगुन पांडे ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाबू वीर कुंवर सिंह के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।




