आर वी एस अकादमी ने मनाई अपनी रजत गाथा: 25 वर्षों के सपनों, समर्पण और उत्कृष्टता का उत्सव
आर वी एस अकादमी ने 24 अप्रैल 2026 को अपना रजत जयंती समारोह अत्यंत भव्यता, गौरव और उपलब्धियों के साथ मनाया। विद्यालय परिसर उत्साह और उल्लास से भर उठा, जहाँ बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी, पूर्व छात्र, शिक्षकगण और शुभचिंतक उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में हर्ष और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी

आर वी एस अकादमी ने मनाई अपनी रजत गाथा: 25 वर्षों के सपनों, समर्पण और उत्कृष्टता का उत्सव

जमशेदपुर- आर वी एस अकादमी ने 24 अप्रैल 2026 को अपना रजत जयंती समारोह अत्यंत भव्यता, गौरव और उपलब्धियों के साथ मनाया। विद्यालय परिसर उत्साह और उल्लास से भर उठा, जहाँ बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी, पूर्व छात्र, शिक्षकगण और शुभचिंतक उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में हर्ष और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जो ज्ञान की अज्ञान पर विजय का प्रतीक है। इसके पश्चात अत्यंत भावपूर्ण रजत जयंती दीया वॉक आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा मंच पर 25 दीप लाए गए। प्रत्येक दीप विद्यालय के एक विशिष्ट मूल्य—ईमानदारी, दृढ़ता, करुणा और उत्कृष्टता—का प्रतिनिधित्व कर रहा था। यह शांत किंतु प्रभावशाली क्षण पूरे समारोह की गरिमा को और बढ़ा गया
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अर्जुन मुंडा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथि के रूप में जुस्को स्कूल साउथ पार्क की प्राचार्या मिली सिन्हा तथा विद्यालय की पूर्व प्राचार्या छाया दास ने अपनी उपस्थिति से समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। विशेष अतिथियों के रूप में घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन, बहरागोड़ा के विधायक समीर कुमार मोहंती तथा उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन बिंदा सिंह, सेक्रेटरी भरत सिंह टेजर शत्रुघ्न सिंह तथा अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सभा को सबसे पहले संबोधित करते हुए चेयरमैन बिंदा सिंह ने आर वी एस अकादमी की प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक विद्यार्थी और दो शिक्षकों से प्रारंभ हुआ यह विद्यालय आज 2800 से अधिक विद्यार्थियों और 104 शिक्षकों के साथ एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान बन चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना का उद्देश्य सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को संस्कारों और अनुशासन के साथ प्रदान करना रहा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आर वी एस अकादमी की यह यात्रा केवल संख्या की नहीं, बल्कि जीवन निर्माण, सपनों को आकार देने और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की यात्रा है।
मुख्य अतिथि अर्जुन मुंडा, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने आर वी एस परिवार को 25 गौरवशाली वर्षों की सफलता पर हार्दिक बधाई दी। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने विद्यालय की शिक्षा और चरित्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आर वी एस अकादमी जैसे विद्यालय राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे ऐसे युवा तैयार करते हैं जो ज्ञान, संस्कार और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित, लक्ष्यनिष्ठ और भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत और मनमोहक नृत्य ने कार्यक्रम का अत्यंत सुंदर प्रारंभ किया। इसके बाद विद्यालय की प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाती एक विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति दिखाई गई, जिसमें विद्यालय की विनम्र शुरुआत से लेकर आज उत्कृष्टता के केंद्र बनने तक की कहानी को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया।
विद्यालय के सबसे नन्हे सितारों—एलकेजी और कक्षा एक के बच्चों—ने अपनी मासूम और ऊर्जावान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों से भरपूर तालियाँ और प्रशंसा प्राप्त की।
विद्यालय की प्राचार्या वीशा मोहिंद्रा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने संस्था की वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यालय के मार्गदर्शक सिद्धांत “Education Without Borders” को दोहराते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य वैश्विक नागरिकों का निर्माण करना है।
विद्यालय के सेक्रेटरी भरत सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए पुनः स्पष्ट किया कि संस्था का एकमात्र उद्देश्य प्रत्येक बच्चे का समग्र विकास है—शैक्षणिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से
समारोह का एक अत्यंत भावुक और हृदयस्पर्शी क्षण विद्यालय के विशिष्ट पूर्व छात्रों का सम्मान था, जिनकी उपलब्धियाँ विद्यालय की गौरवशाली विरासत का प्रमाण हैं। उनकी उपस्थिति, अभिभावकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और शिक्षकों के अटूट सहयोग ने पूरे समारोह को गर्व, आत्मीयता और स्मृतियों से भर दिया
कार्यक्रम के उत्तरार्ध में भव्य सांस्कृतिक संध्या प्रस्तुत की गई। विभिन्न विषयगत प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने विद्यालय की स्थापना, विकास के विभिन्न चरणों, तकनीकी प्रगति और उल्लेखनीय उपलब्धियों को अत्यंत सुंदर ढंग से मंचित किया। लोक और समकालीन नृत्य शैलियों के अद्भुत समन्वय, आकर्षक वेशभूषा और नवीन प्रॉप्स ने विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ-साथ शिक्षकों की रचनात्मकता और समर्पण को भी उजागर किया।
पूरा समारोह आनंद, गर्व और सामूहिक उपलब्धि की भावना से ओत-प्रोत रहा। तालियों की गूंज और मुस्कानों से जगमगाते चेहरों के बीच आर वी एस अकादमी की रजत जयंती 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित एक उज्ज्वल श्रद्धांजलि बन गई—और आने वाले अनेक स्वर्णिम वर्षों की एक प्रेरणादायक शुरुआत भी।




