उच्च शिक्षा में डिजिटलीकरण को बढ़ावा: चाईबासा में NAD-ABC कार्यशाला
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड (झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद) द्वारा कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सहयोग से आज विश्वविद्यालय सभागार में नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) एवं एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) प्लेटफॉर्म पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

उच्च शिक्षा में डिजिटलीकरण को बढ़ावा: चाईबासा में NAD-ABC कार्यशाला

चाईबासा- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड (झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद) द्वारा कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सहयोग से आज विश्वविद्यालय सभागार में नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) एवं एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) प्लेटफॉर्म पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. रंजीत कर्ण ने स्वागत भाषण देते हुए सभी माननीय अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया तथा कार्यशाला के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि NAD-ABC उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और क्रेडिट ट्रांसफर प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों को सुरक्षित रखने तथा बहुविकल्पीय प्रवेश-निर्गमन (Multiple Entry-Exit) व्यवस्था को प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा (आईएएस) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप NAD एवं ABC की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे छात्रों के अंकपत्र, डिग्री एवं प्रमाण-पत्र डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर क्रेडिट का हस्तांतरण सुगमता से किया जा सकेगा।
उप निदेशक श्री अजय राज खालखो ने संस्थानों से समयबद्ध रूप से पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का आग्रह किया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के जोनल समन्वयक श्री रवि पांडेय ने NAD-ABC प्लेटफॉर्म की तकनीकी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में अतिरिक्त अतिथि के रूप में अमित मिश्रा की उपस्थिति रही। साथ ही विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री कुनाल सिंह, PMU कंसल्टेंट, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा श्री विक्रम वर्मा, CSC-SPV भी उपस्थित रहे।
तकनीकी सत्र में NAD-ABC पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, अकादमिक क्रेडिट अपलोड करने की विधि, डिजिलॉकर एकीकरण तथा संस्थागत समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए परीक्षा नियंत्रकों, नोडल अधिकारियों एवं तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएँ रखीं।
मंच का संचालन मानवशास्त्र विभागअध्यक्ष डॉ मीनाक्षी मुंडा ने किया। यह कार्यशाला राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को पारदर्शी एवं लचीली शैक्षणिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।अंत में धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक प्रो रिंकी दोराइ ने किया, इसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।




