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यूएन ईकोसॉक यूथ फोरम 2026 में “एडाप्टिंग एम्बिशन्स” विषय पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा आयोजित

यूनिटेड नेशंस के तत्वावधान में आयोजित ECOSOC Youth Forum 2026 के दौरान एक महत्वपूर्ण वर्चुअल साइड इवेंट “Adapting Ambitions: Climate Change, Education, and Career Futures for Youth in the Global South” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 15 अप्रैल को शाम 6:30 से 10:30 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें वैश्विक दक्षिण के युवाओं के भविष्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर व्यापक चर्चा की गई

यूएन ईकोसॉक यूथ फोरम 2026 में “एडाप्टिंग एम्बिशन्स” विषय पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा आयोजित

न्यूयॉर्क/ऑनलाइन यूनिटेड नेशंस के तत्वावधान में आयोजित ECOSOC Youth Forum 2026 के दौरान एक महत्वपूर्ण वर्चुअल साइड इवेंट “Adapting Ambitions: Climate Change, Education, and Career Futures for Youth in the Global South” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 15 अप्रैल को शाम 6:30 से 10:30 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें वैश्विक दक्षिण के युवाओं के भविष्य, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर व्यापक चर्चा की गई।
इस सत्र का संचालन मॉडरेटर मणिका गिरी ने किया। कार्यक्रम में विभिन्न देशों से विशेषज्ञों और युवाओं ने भाग लिया, जिनमें एस एम शैकत्, सोनिका पौडेल, सूरज गौतम, युग्रातना श्रीवासता, दानिश तारिक, मीना बिल्गि तथा फसहत् Ul- हसन शामिल रहे।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोल्हान यूनिवर्सिटि के मानवशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी मुंडा ने भी वक्ता के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई। अपने संबोधन में उन्होंने “Ambition, Climate Change, Education and Career Future for Youth in the Global South” विषय पर विचार साझा करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि यह शिक्षा, आजीविका और युवाओं के भविष्य को प्रभावित करने वाला व्यापक सामाजिक प्रश्न है।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि स्थानीय एवं आदिवासी ज्ञान प्रणालियों को शिक्षा और नीति निर्माण में शामिल करना आवश्यक है, ताकि वैश्विक दक्षिण के युवाओं के लिए टिकाऊ और समावेशी करियर अवसर विकसित किए जा सकें। साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को शोध, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जलवायु अनुकूलन की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
यह साइड इवेंट SERAC-Bangladesh, SAARC Youth Platform, Green Future Foundation, YFEED Foundation सहित अन्य संगठनों के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम ने युवाओं, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं के बीच संवाद का एक प्रभावी मंच प्रदान किया, जिससे जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों को समझने और विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।

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