टाटा कॉलेज चाईबासा को दो दशक बाद मिला नियमित प्राचार्य
कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत टाटा कॉलेज चाईबासा को लगभग दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद नियमित (कमीशंड) प्राचार्य मिल गया है। माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता के निर्देश पर यह नियुक्ति महाविद्यालय में शोध संस्कृति को सशक्त करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उसके पुराने शैक्षणिक गौरव को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई है

टाटा कॉलेज चाईबासा को दो दशक बाद मिला नियमित प्राचार्य
चाईबासा- कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत टाटा कॉलेज चाईबासा को लगभग दो दशकों के लंबे अंतराल के बाद नियमित (कमीशंड) प्राचार्य मिल गया है। माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता के निर्देश पर यह नियुक्ति महाविद्यालय में शोध संस्कृति को सशक्त करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा उसके पुराने शैक्षणिक गौरव को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई है
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ. एस. सी. दास का प्रशासनिक कारणों से बहारागोड़ा कॉलेज में स्थानांतरण किया गया है, जहाँ ओडिया विभाग में लगभग 200 छात्र अध्ययनरत हैं। डॉ. दास के दीर्घ प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अनुभव का लाभ अब बहारागोड़ा कॉलेज के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। वहीं, उनके स्थान पर डॉ. अमर कुमार को टाटा कॉलेज, चाईबासा का नया प्राचार्य नियुक्त किया गया है। इस निर्णय को विश्वविद्यालय में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. अमर कुमार से अपेक्षा की जा रही है कि वे महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करेंगे, शोध गतिविधियों को गति देंगे तथा संस्थान की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाएंगे।
उल्लेखनीय है कि टाटा कॉलेज, चाईबासा की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। यह कोल्हान क्षेत्र के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक रहा है। अविभाजित बिहार के समय इस महाविद्यालय से क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने शिक्षा प्राप्त की है। विशेष रूप से यह संस्थान रांची विश्वविद्यालय (1960) की स्थापना से भी पूर्व अस्तित्व में आ चुका था, जो इसके समृद्ध इतिहास और शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।


