जमशेदपुर में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व सांसद गीता कोड़ा एवं मीरा मुंडा ने सम्मेलन को किया संबोधित, अधिनियम के लाभकारी प्रावधान और बारीकियों से कराया अवगत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। कई कार्यक्रम के माध्यम से अधिनियम से होने वाले लाभ के बारे में महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से, बुधवार को जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में विशाल नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया

जमशेदपुर में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक पूर्णिमा साहू, पूर्व सांसद गीता कोड़ा एवं मीरा मुंडा ने सम्मेलन को किया संबोधित, अधिनियम के लाभकारी प्रावधान और बारीकियों से कराया अवगत

जमशेदपुर- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। कई कार्यक्रम के माध्यम से अधिनियम से होने वाले लाभ के बारे में महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से, बुधवार को जमशेदपुर के बिस्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में विशाल नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में सांसद विद्युत वरण महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, कार्यक्रम प्रभारी एवं झारखंड भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा, भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलू मछुआ मुख्यरूप से शामिल रहे। सम्मेलन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ कामकाजी और घरेलू महिलाएं भी उपस्थित रहीं। सम्मेलन में वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विभिन्न लाभकारी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब पहली बार देश के प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया और उसी नारे को चरितार्थ करते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास किया गया था। उन्होंने कहा कि आज संसद में महिलाओं की संख्या 13.63 फीसदी है, वह अब निश्चित रुप से 33 फीसदी होगी जिससे राजनीतिक के साथ साथ पूरे देश में सामाजिक परिवर्तन भी देखेगा। उन्होंने कहा कि 16,17 और 18 अप्रैल को संसद में चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है जिससे इसे तुरंत पारित कर लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अन्य पार्टियां भी इसको तुरंत लागू करने के लिए अपनी सहमति देगी। उन्होंने बताया कि आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदल सकती है, जिससे महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय किया जा सकता है।

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि नारी शक्ति वंदन बिल से पूरे देश को फायदा होने वाला है, इससे देश में उन्नति भी होगी। अगर कोई महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो उसके साथ उसके परिवार, समाज और देश की उन्नति होती है। काफी समय से देश को इस बिल की आवश्यकता थी, लेकिन कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार इसे लेकर आ रही है, तो इस पर सभी दलों को सहयोग करना चाहिए ना कि इसपर राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून मात्र नहीं है। यह बदलते और नए भारत के निर्माण की आधारशिला है, जहां महिलाएं सिर्फ मतदाता नहीं रहेंगी। बल्कि वे देश की नीति और भविष्य तय करने वाली शक्ति भी बनेंगी। आज देश की राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक महिलाएं कई अहम जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत को अधिक समावेशी, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से तमाम राजनीतिक दलों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक के तौर पर देखा, लेकिन उनका अधिकार किसी ने नहीं दिया। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया है एवं सबके विकास में महिलाओं को भी जोड़ा। लोकतंत्र में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी नारी शक्ति का सम्मान किया है। यह अधिनियम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
वहीं, पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने धरातल पर उतारा है। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें वह राजनीतिक सामर्थ्य दे रहा है, जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी।इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण, एससी /एसटी सीटों में भी महिला आरक्षण के साथ नीति निर्माण में महिलाओं की सीधी भागीदारी होगी।
सम्मेलन में स्वागत संबोधन करते हुए महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीलू मछुआ ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से अब राजनीति में भी महिलाओं की सुनिश्चित भागीदारी होगी, जिससे महिलाएं और सशक्त होंगी। सम्मेलन में मंच संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष रूबी झा एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला मंत्री रीना चौधरी ने किया।
सम्मेलन में भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण, जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति, रीता मिश्रा, रीना चौधरी, नीरू सिंह, संध्या सिंह, सुशीला शर्मा, शुक्ला हलदार, मीरा शर्मा, श्वेता कुमारी, संगीता लोधी, जया शर्मा, जया भारती, मधुमाला, सुनीता सिंह, गौरी कुमारी, स्नेहलता, मीरा सिंह, रूपा देवी, पप्पी सिंह, सीमा मंडल, नीतू कुदादा, प्रियंका देवी, संगीता शर्मा, लकी कौर, प्रमिला सिंह समेत कई अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।




