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फलाहार नवरात्र के महत्व को रेखांकित करने का एक मौका- सरयू राय
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में सैकड़ों लोगों ने किया फलाहार
फलाहार नवरात्र के महत्व को रेखांकित करने का एक मौका- सरयू राय
जमशेदपुर- जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि नवरात्र के महत्व को समझने के लिए ही उन्होंने फलाहार का कार्य़क्रम आयोजित किया। नवरात्र के सभी दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यह महज एक संयोग है कि महाअष्टमी के दिन फलाहार का आयोजन हो रहा है। यह दरअसल सनातनी संस्कृति में नवरात्र के महत्व को दिखाने के लिए किया गया है ताकि लोग समझ सकें कि हमारी सनातन संस्कृति में नवरात्र का कितना महत्व है। वह केबुल टाउन स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होंने लक्ष्मी नारायण मंदिर के बारे में कहा कि यहां पर जीर्णोद्धार कार्य में काफी काम करना है। मंदिर के फर्श में अभी प्लास्टर और ग्रेनाइट बिछाना है। नीचे हॉल में पानी रिसता है, उसे ठीक करना है
दक्षिण -पश्चिम कोने में गौ सेवा केंद्र शुरू करेंगे। साथ ही साथ एक बड़ा हॉल का निर्माण होगा, जिसमें कर्मकांड एवं विवेचना होगी। ग्रंथों का पाठन- वाचन होगा। इसका नाम “सनातन सदन” रखा जाएगा। जिसका उद्घाटन हम लोग परसों करेंगे। उन्होंने कहा कि सबसे मुख्य काम अभी मंदिर को रंग रोगन करना है। मंदिर के चारों तरफ के खंभे में नक्काशी करण का काम चल रहा है। इसके साथ ही साथ दशावतार की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रमुख ऋषि मुनियों का चित्र मंदिर के प्रांगण में बनाया जा रहा है। सभी मंदिरों में अभी यहां पूजा हो रही है। इसे हमें आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनाना है।
गौरतलब है कि हर नवरात्र में सरयू राय फलाहार का कार्यक्रम रखते हैं। उनके फलाहार कार्यक्रम में शहर के प्रायः सभी वर्गों, राजनीतिक दलों, धर्मों, पंथों के लोग शरीक होते रहे हैं। श्री राय सनातनी विचारों को आगे बढ़ाने के पक्षधर माने जाते हैं। अष्टमी के कार्यक्रम में फलाहार में 9 किस्म के फल, साबूदाने की खीर और पकौड़ी रखी गई थी।
फलाहार कार्यक्रम की शुरुआत सरयू राय ने खुद की। दो स्टॉल बने थे। पहले स्टॉल पर नौ किस्म के फलों को रखा गया था तो दूसरे स्टॉल पर खीर और पकौड़ी का इंतजाम था। श्री राय ने स्वयं अपने हाथों से खीर, फल और पकौड़ी वितरित किये। वह दोनों स्टॉल्स पर बराबर सक्रिय रहे।
इस मौके पर शिवशंकर सिंह, आशुतोष राय, अशोक गोयल, नीरज सिंह, एम. चंद्रशेखर राव, सुबोध श्रीवास्तव, मुकेश कुमार समेत सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे।




