21 वर्षों से आत्मरक्षा और अनुशासन की मिसाल बना झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर स्थापना दिवस पर दिखा उत्साह
झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर का 21वाँ स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह अवसर संस्था के लिए गर्व, उपलब्धि और प्रेरणा का प्रतीक रहा। पिछले 21 वर्षों से यह संस्था निरंतर मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा और अनुशासन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर संस्था के मुख्य प्रशिक्षक, ब्लैक बेल्ट सदस्य, वरिष्ठ विद्यार्थी और नियमित छात्रों ने एक साथ मिलकर इस दिन को यादगार बनाया

21 वर्षों से आत्मरक्षा और अनुशासन की मिसाल बना झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर, स्थापना दिवस पर दिखा उत्साह

जमशेदपुर- झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर का 21वाँ स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह अवसर संस्था के लिए गर्व, उपलब्धि और प्रेरणा का प्रतीक रहा। पिछले 21 वर्षों से यह संस्था निरंतर मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा और अनुशासन के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है। स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर संस्था के मुख्य प्रशिक्षक, ब्लैक बेल्ट सदस्य, वरिष्ठ विद्यार्थी और नियमित छात्रों ने एक साथ मिलकर इस दिन को यादगार बनाया।
<img src="https://newjharkhandvani.in/wp-content/uploads/2026/06/IMG-20260620-WA0180-300×134.jpg" alt="" width="300" height="134" class="alignnone size-medium wp-imagwp-image-2202
झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना 19 जून 2005 को की गई थी। स्थापना के बाद से आज तक यह संस्था हजारों बच्चों और युवाओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर, अनुशासित और आत्मविश्वासी बनाने का कार्य कर रही है। 21 वर्षों के इस लंबे सफर में संस्था ने खेल और आत्मरक्षा के क्षेत्र में न केवल अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस केंद्र से प्रशिक्षित अनेक छात्र आज राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं और कई पदक एवं सम्मान अपने नाम कर चुके हैं। वर्तमान समय में इस संस्था में 100 से अधिक छात्र-छात्राएँ नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस केंद्र की खास बात यह है कि यहाँ 4 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के लोग प्रशिक्षण लेते हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि मार्शल आर्ट सीखने की कोई आयु सीमा नहीं होती। छोटे बच्चों से लेकर बड़े युवाओं तक सभी के लिए यह केंद्र समान रूप से अवसर प्रदान करता है। झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर में ताइक्वांडो, कराटे, किकबॉक्सिंग और जूडो का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इन सभी विधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मरक्षा, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास का विकास कराया जाता है। संस्था का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक बनाना भी है। संस्था की वर्तमान में पाँच शाखाएँ संचालित हो रही हैं। इनमें प्रकाश नगर, गोविंदपुर स्थित दयाल सिटी, गोविंदपुर स्थित राम मंदिर, गुरु गोबिंद सिंह स्कूल और मानगो शामिल हैं। इन शाखाओं के माध्यम से संस्था अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं तक पहुँच बनाकर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। हर शाखा में नियमित रूप से प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहाँ प्रशिक्षु अपनी कला को निखारते हैं। संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि इसने अब तक 10,000 से भी अधिक लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है। आज के समय में जब महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है, ऐसे में यह संस्था समाज के लिए एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरी है। आत्मरक्षा प्रशिक्षण के माध्यम से हजारों लड़कियों में आत्मविश्वास, साहस और सुरक्षा की भावना विकसित हुई है। हर वर्ष महिला दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा तीन दिवसीय विशेष आत्मरक्षा शिविर आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और लड़कियाँ भाग लेती हैं। इसके अलावा राज्य सरकार की रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना के अंतर्गत कई सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है। संस्था समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों में निःशुल्क आत्मरक्षा शिविर भी आयोजित करती है। इन शिविरों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब बच्चों को निःशुल्क या कम शुल्क में प्रशिक्षण देकर यह संस्था समाज सेवा का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती नीलम देवी ने भी इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों और प्रशिक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर पिछले 21 वर्षों से बच्चों और युवाओं को आत्मरक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास की शिक्षा देकर समाज में एक मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने संस्था के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह संस्था और अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचेगी तथा समाज में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करती रहेगी। इस संस्था के मुख्य प्रशिक्षक और संस्थापक मास्टर सुनील कुमार प्रसाद हैं, जो 5वें डान ब्लैक बेल्ट, अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता और मार्शल आर्ट के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। मास्टर सुनील कुमार प्रसाद ने अपने समर्पण, अनुभव और मेहनत के बल पर इस संस्था को आज इस मुकाम तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में संस्था ने अनेक ब्लैक बेल्ट तैयार किए हैं और कई विद्यार्थियों को उच्च स्तर तक पहुँचने का अवसर दिया है। स्थापना दिवस समारोह के दौरान मास्टर सुनील कुमार प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मार्शल आर्ट केवल आत्मरक्षा की कला नहीं है, बल्कि यह जीवन को अनुशासित, संयमित और मजबूत बनाने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज के समय में हर बच्चे और विशेष रूप से हर लड़की को आत्मरक्षा सीखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में उनका उद्देश्य इस संस्था को और अधिक विकसित करना है, ताकि यह परिवार और बड़ा हो तथा अधिक से अधिक बच्चे इससे जुड़कर अपने जीवन को बेहतर बना सकें। इस अवसर पर केंद्र के ब्लैक बेल्ट सदस्य, वरिष्ठ छात्र और नियमित प्रशिक्षु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान सभी बच्चों ने मिलकर झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के 21वें स्थापना दिवस पर केक काटकर जश्न मनाया। बच्चों में इस अवसर को लेकर विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। उन्होंने अपने प्रशिक्षकों और वरिष्ठों के साथ मिलकर इस दिन को यादगार बनाया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षण के प्रति समर्पण और लगन को भी प्रदर्शित किया। कई विद्यार्थियों ने मार्शल आर्ट के विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन कर सभी का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान ब्लैक बेल्ट सदस्यों और वरिष्ठ विद्यार्थियों ने छोटे बच्चों को प्रेरित किया और उन्हें निरंतर अभ्यास एवं अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। इस आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ सदस्यों ने विशेष भूमिका निभाई। पूरे कार्यक्रम में उनकी मेहनत, समर्पण और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वरिष्ठ सदस्य ऋषिकेश, मैडी हेम्ब्रम, विशाल, निरंजन, शिवानी कुमारी, चंदना महतो, अभिषेक राय, कार्तिक लोहार, अक्षिता और सुमन कुमारी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी ने कार्यक्रम की तैयारियों, संचालन और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।कार्यक्रम के दौरान संस्था के सभी सदस्यों के बीच आपसी एकता, भाईचारे और अनुशासन का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। यह समारोह केवल 21 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं था, बल्कि आने वाले समय में और अधिक बच्चों तथा महिलाओं को आत्मरक्षा से जोड़ने का संकल्प भी था।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर की निरंतर प्रगति, सफलता और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि आने वाले वर्षों में यह संस्था और अधिक बच्चों, युवाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर समाज को सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बनाने में अपनी भूमिका निभाती रहेगी। यह स्थापना दिवस समारोह संस्था के इतिहास में एक यादगार, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण अवसर के रूप में दर्ज हुआ।



