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टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) के एक मैनेजर के साथ 10 प्रतिभागियों (3 महिलाएं और 7 पुरुष) के समूह ने 31 मार्च से 11 अप्रैल 2026 तक सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक पूरा किया। इस टीम का नेतृत्व टीएसएएफ के मैनेजर अनंत राणा ने किया, जिन्होंने वर्ष 2022 में एक प्रतिभागी के रूप में ट्विन पीक शिखर फतह किया था और इसके बाद दार्जिलिंग स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स भी पूरा किया

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) के एक मैनेजर के साथ 10 प्रतिभागियों (3 महिलाएं और 7 पुरुष) के समूह ने 31 मार्च से 11 अप्रैल 2026 तक सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक पूरा किया। इस टीम का नेतृत्व टीएसएएफ के मैनेजर अनंत राणा ने किया, जिन्होंने वर्ष 2022 में एक प्रतिभागी के रूप में ट्विन पीक शिखर फतह किया था और इसके बाद दार्जिलिंग स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स भी पूरा किया।

अनंत, जिन्होंने हाल ही में न्यूज़ीलैंड में अपना फुल आयरनमैन रेस पूरा किया, ने पूरे अभियान के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुभव और रोचक किस्सों ने ट्रेक के दौरान टीम को काफी प्रेरित और उत्साहित किया।


समूह ने 17,598 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक ट्रेक किया, जिसमें सभी 10 प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (17,598 फीट) तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।


एक प्रतिभागी टाटा स्टील जमशेदपुर के स्पोर्ट्स विभाग से थे, जबकि 9 प्रतिभागी टाटा स्टील के बाहर से थे। इस समावेशिता ने गैर-कर्मचारियों को भी टीएसएएफ के साथ ट्रेकिंग का अनुभव प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों की आयु 28 से 58 वर्ष के बीच थी।

प्रतिभागियों के नाम

नेहा शाह
राजीव कुमार रुंगटा
मनीष भौका
प्रीति भौका
कुणाल सारंगी
शाहिल धनुका
सुमित्रा शाह
अनन्या लेपी
चेतन कुमार
प्रतीक सराओगी
टीम ने दुध कोशी नदी के किनारे-किनारे चलते हुए नामचे बाजार तक का मार्ग तय किया, जो अपने साहसी शेरपा समुदाय के लिए प्रसिद्ध एक गांव है। रास्ते में उन्हें तेंगबोचे जैसे सुंदर गांवों में शेरपा संस्कृति को नजदीक से समझने और अनुभव करने का भरपूर अवसर मिला। –25°C तक गिरते शून्य से नीचे तापमान, तेज हवाओं, बर्फबारी, रोजाना लंबी पैदल यात्रा और लगातार ऊंचाई बढ़ने जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद, सभी प्रतिभागियों ने अद्भुत साहस और दृढ़ता का परिचय दिया और सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (17,598 फीट) तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।


प्रतिभागियों के अनुभव:

कुणाल षाडंगी- हिमालय की मनमोहक वादियों के बीच यह ट्रेक जीवन में एक बार मिलने वाला अद्भुत अनुभव रहा, जिसमें रोमांच और चुनौतियों का अनोखा संगम था। एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना गर्व और कृतज्ञता से भरा एक अविस्मरणीय पल था। पूरे समूह की सकारात्मक ऊर्जा और मार्ग में मिले अनुभवों ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया। इस सपने को साकार करने के लिए टीएसएएफ का हृदय से धन्यवाद, जिनके विशेषज्ञ मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग ने इस सफर को सफल बनाया।

अनन्या लेपी- एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक एक अविस्मरणीय अनुभव रहा—एक लंबे समय से संजोया गया सपना, जो टीएसएएफ के सहयोग और सुनियोजित तैयारी से साकार हुआ। यह यात्रा जितनी चुनौतीपूर्ण थी, उतनी ही संतोषजनक भी, जिसने व्यक्तिगत धैर्य और उपलब्धि के कई खास क्षण दिए। मैं अनंत के नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त करती हूँ, जिनके मार्गदर्शन ने कठिन पलों को पार करना आसान बनाया और पूरे सफर को सहज और सफल बनाया। आने वाले समय में ऐसी और रोमांचक यात्राओं का बेसब्री से इंतजार है!

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