Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी   Click to listen highlighted text! Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी
Uncategorized

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के साथ 8 प्रतिभागियों (1 महिला और 7 पुरुष) के समूह ने 11 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक पूरा किया। इस टीम का नेतृत्व टीएसएएफ के वरिष्ठ प्रशिक्षक राथू महतो ने किया

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026

टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के एक वरिष्ठ प्रशिक्षक के साथ 8 प्रतिभागियों (1 महिला और 7 पुरुष) के समूह ने 11 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक पूरा किया। इस टीम का नेतृत्व टीएसएएफ के वरिष्ठ प्रशिक्षक राथू महतो ने किया

समूह ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए 17,598 फीट की अधिकतम ऊँचाई तक सफलतापूर्वक ट्रेक किया। सभी 8 प्रतिभागियों ने दृढ़ संकल्प और उत्साह के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (17,598 फीट) तक पहुँचने का लक्ष्य हासिल किया।

प्रतिभागियों की आयु 35 से 63 वर्ष के बीच थी।

1. डोनाल्ड मेनेज़ेस – पुरुष

2. नीरज निद्रे – पुरुष

3. डॉ. विजय निद्रे – पुरुष

4. डॉ. कुमार राहुल – पुरुष

5. अवंतिका सिंह – महिला

6. अभय कुमार सिंह – पुरुष

7. मुकेश कठाई – पुरुष

8. शशिकांत गुप्ता – पुरुष

टीम ने दुध कोशी नदी के किनारे-किनारे ट्रेक करते हुए नामचे बाज़ार तक का सफर तय किया, जो अपनी साहसी और मेहनती शेरपा समुदाय के लिए जाना जाता है। इस दौरान प्रतिभागियों को तेंगबोचे जैसे खूबसूरत गाँवों में शेरपा संस्कृति और उनकी जीवनशैली को करीब से समझने का भरपूर अवसर मिला। शून्य से नीचे गिरते तापमान (–25°C तक), तेज़ हवाओं, बर्फबारी, रोज़ाना लंबे पैदल सफर और लगातार बढ़ती ऊँचाई जैसी कठिन चुनौतियों के बावजूद, सभी प्रतिभागियों ने अद्भुत धैर्य, साहस और जुनून का परिचय दिया और सफलतापूर्वक एवरेस्ट बेस कैंप (17,598 फीट) तक पहुँचने में कामयाबी हासिल की।

्प्रतिभागियोंं के अनुभव:

अभय सिंह: “हिमालय की वादियों में यह यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रही, जिसने मेरे धैर्य को परखा और हर प्रयास को सार्थक बनाया। एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुँचना मेरे लिए उपलब्धि और कृतज्ञता से भरा एक भावुक क्षण था। समूह की सकारात्मक ऊर्जा और TSAF के विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने इस ट्रेक को वास्तव में खास और बेहद सार्थक बना दिया।”

अवंतिका सिंह- यह ट्रेक केवल एक मंज़िल तक पहुँचने का सफर नहीं था, बल्कि आत्मचिंतन का एक अनूठा अवसर भी था। हिमालय की अद्भुत वादियों ने जहां मन को मंत्रमुग्ध किया, वहीं कठिन चुनौतियों ने मुझे और अधिक मजबूत, धैर्यवान और स्पष्ट सोच वाला बनाया। एवरेस्ट बेस कैंप पर खड़े होकर मुझे गर्व और कृतज्ञता का अनुभव हुआ। पूरे समूह की एकजुटता और इस यात्रा के दौरान मिले अनुभवों ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। TSAF के सशक्त नेतृत्व और निरंतर मार्गदर्शन के लिए मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूँ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!