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श्रवण कुमार देबुका ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार रांची को ईमेल भेजकर जुगसलाई एक घनी आबादी वाला रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र है। आगलगी एक ऐसी घटना है जो कभी भी कही भी घट सकती है, और ऐसी घटना घटते ही रहती है, जिसका दुष्परिणाम जो होता है कल्पना कर ही हर कोई सिहर जाता है

जमशेदपुर में अग्निशमन केंद्र गोलमुरी में है जो जुगसलाई से काफी दूर हैं, शहर में बढ़ते वाहन के दबाव, अतिक्रमण और अव्यवस्थित दोषी व्यवस्था के कारण इस प्रकार की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र को घटना स्थल तक पहुंचने के पहले ही सबकुछ जलकर राख हो जाता है । दुखद पहलू यह है कि गोलमुरी अग्निशमन केंद्र से ही जुगसलाई, बागबेड़ा, हरहरगुट्टू, करनडीह, परसुडीह, सुंदरनगर और उससे आगे तक के क्षेत्र को सेवा देनी पड़ती है जहां तक इसे पहुंचने में कई घंटे लग जा सकते है, जो जुगसलाई से भी कई किलोमीटर दूर है

जमशेदपुर- श्रवण कुमार देबुका ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार रांची को ईमेल भेजकर जुगसलाई एक घनी आबादी वाला रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र है।

आगलगी एक ऐसी घटना है जो कभी भी कही भी घट सकती है, और ऐसी घटना घटते ही रहती है, जिसका दुष्परिणाम जो होता है कल्पना कर ही हर कोई सिहर जाता है

जमशेदपुर में अग्निशमन केंद्र गोलमुरी में है जो जुगसलाई से काफी दूर हैं, शहर में बढ़ते वाहन के दबाव, अतिक्रमण और अव्यवस्थित दोषी व्यवस्था के कारण इस प्रकार की घटना से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्र को घटना स्थल तक पहुंचने के पहले ही सबकुछ जलकर राख हो जाता है । दुखद पहलू यह है कि गोलमुरी अग्निशमन केंद्र से ही जुगसलाई, बागबेड़ा, हरहरगुट्टू, करनडीह, परसुडीह, सुंदरनगर और उससे आगे तक के क्षेत्र को सेवा देनी पड़ती है जहां तक इसे पहुंचने में कई घंटे लग जा सकते है, जो जुगसलाई से भी कई किलोमीटर दूर है।
विदित हो कि 22.10.25 की रात करीब 9 बजे जुगसलाई में आगलगी की घटना घटी और रात को भी अग्निशमन यंत्र को जुगसलाई आने में।करीब डेढ़ घंटे लगे, तो कल्पना कीजिए अगर यह घटना दिन में घंटे और अगर दूर दराज के क्षेत्र में घटे तो दमकल के पहुंचने तक क्या कुछ बचेगा और अड़ोस पड़ोस में अतिरिक्त नुकसान हो जाएगा सो अलग से!

श्री देबुका ने इन्हीं सब परिस्थितियों को ध्यान में रख कर एक पत्र दिनांक 08.01.2007 उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर को लिखा प्रतिलिपि आपको प्रेषित की, फिर दिनांक 19.5.2008 , 11.5.2009 को रिमाइंडर भेजा, फिर राज्यपाल को पत्र 31.07.2009 , रिमाइंडर 12.09.2009, 13.01.2012 प्रेषित किया साथ ही समय समय पर रिमाइंडर पत्र उपायुक्त,जमशेदपुर,मुख्यमंत्री झारखण्ड सरकार और राज्यपाल को रिमाइंडर भेजता रहा।
उपरोक्त परिस्थितियों पर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज,जमशेदपुर ने भी संज्ञान लेते हुए उपायुक्त जमशेदपुर को पत्र दिनांक 12.01.2007 एवं 30.9.2008 प्रेषित किया,

राज्यपाल के उप सचिव झारखंड के पत्रांक 2170/रा. स.दिनांक 04.09.2009 के आलोक में उप समाहर्ता, प्रभारी, जन शिकायत कोषांग, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर ने अग्निशमन पदाधिकारी और अंचल अधिकारी जमशेदपुर को ज्ञापांक 119/09 दिनांक 10.10.2009 यथोचित कारवाही हेतु प्रेषित किया, जिसपर 14 साल गुजर जाने पर भी करवाई का इंतजार है।
श्री देबुका ने प्रधानमंत्री को पत्र दिनांक ,02.01.2012 प्रेषित किया, प्रधानमंत्री कार्यालय के द्वारा भी मुख्य सचिव झारखंड को पत्र संख्या 2/3/2012- PMP4/350923 दिनांक 11.01.2012 उचित कारवाही हेतु प्रेषित किया गया ,जिस पर भी 13 साल 6 माह गुजर जाने पर भी कारवाही का इंतजार है! और। नियमित रूप से श्री देबुका द्वारा पत्र प्रेषित किए जाते रहे मगर केवल वे औपचारिकता निभाते रहे।
उपरोक्त विषय पर उपायुक्त कार्यालय के पत्रांक 1448/गो दिनांक 14.09.2023 एवं अपर राज्य अग्निशमन पदाधिकारी झारखंड रांची के पत्रांक 366 दिनांक 02.03.2017 का अवलोकन किया जा सकता है।
बिंदित हो कि विधायक, जुगसलाई मंगल कालिंदी के द्वारा विधान सभा में भी इस बात को उठाया गया था और हम जुगसलाई वासियों को उम्मीद बनी थी कि कुछ त्वरित कारवाही होगी मगर उस पल का इंतजार अभी भी है जब कि अगलग्गी की घटना नियमित जारी है,जिससे सरकारी तंत्र को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, जो अत्यंत खेदजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री देबुका ने ईमेल में कहा है कि अतः मेरा पुनः विनम्र आग्रह होगा कि औपचारिकता जिसका निर्वहन पिछले 18 साल से चल रहा है के संपूर्ण होने तक अग्निशमन यंत्र की एक यूनिट जो जुगसलाई के लिए है को जुगसलाई थाना , जुगसलाई नगरपरिषद , आर. पी.पटेल स्कूल पानी टंकी या अंचल अधिकारी कार्यालय क्षेत्र में अस्थाई तौर पर खड़ा किया जाना सुनिश्चित करे जिसकी यथोचित सेवा जुगसलाई से लेकर सुंदरनगर क्षेत्र तक किसी घटना के घटने पर तुरंत मिल सके और लोगों के जान माल की हानि को रोका जा सके।

आपको मालूम हो कि जमशेदपुर अग्निशमन केंद्र गोलमुरी में है और गोलमुरी से सुंदरनगर करीब पन्द्रह किलोमीटर के बीच कोई व्यवस्था नहीं है, किसी भी प्रकार की आकस्मिक घटना घटने पर वर्तमान सड़क पर प्रभावी बदहाल यातायात व्यवस्था के अंतर्गत अग्निशमन यंत्र के पहुंचने तक विशेष करने के कुछ बचेगा ही नहीं और केवल खानापूर्ति होगी।

अतः जुगसलाई जो कि बीच का क्षेत्र पड़ेगा में उक्त व्यवस्था होती है तो जनहित में यह व्यवस्था बहुउपयोगी होगी।

जमशेदपुर में अग्निशमन विभाग की जनहित के लिए जो प्रभावी व्यवस्था है उससे सम्बन्धित की समाचार पत्र की कॉपी संलग्न है जिससे विभाग के प्रभावशाली क्रिया कलापों को जाना और समझा जा सकता है।

आशा है आप उक्त विषय पर गंभीरता से कारवाही करेंगे, 18 वर्षों के क्रियाकलापों की समीक्षा भी करेंगे और जनता को राहत प्रदान कराने हेतु तुरंत जनहित में यथोचित आदेश पारित करने की कृपा करेंगे।

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