आध्यात्मिक भारत की पहचान है। उसे यज्ञ के माध्यम से हमारे ऋषि मुनियों ने उतारने का काम किया है। इस देश को साधु संतों ने बनाया है। साधु संतों ने इस देश को आध्यात्मिक विश्व गुरु बनाया है यह बातें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केबुल टाउन मैदान में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अवसर पर कही
उन्होंने कहा कि भारत अध्यात्म के रूप में विश्व गुरु है हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई तीसरी अर्थव्यवस्था है। हम अर्थव्यवस्था में भी नंबर वन बनेंगे उन्होंने कहा कि यहां पर जो सद् वचन बताया जा रहा है, उसे अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है
जमशेदपुर- आध्यात्मिक भारत की पहचान है। उसे यज्ञ के माध्यम से हमारे ऋषि मुनियों ने उतारने का काम किया है। इस देश को साधु संतों ने बनाया है। साधु संतों ने इस देश को आध्यात्मिक विश्व गुरु बनाया है यह बातें झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केबुल टाउन मैदान में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के अवसर पर कही।
उन्होंने कहा कि यहां पर जो सद् वचन बताया जा रहा है, उसे अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है।
वही संत जगदीश गौतम उर्फ जय मंगला बाबा के नाम से प्रसिद्ध ने बताया कि लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का 129 वां यज्ञ है। हमने बिहार, बंगाल, झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में विश्व कल्याण एवं मानवता सद्ज्ञान के लिए यज्ञ करते हैं।
उन्होंने कहा कि जहां यज्ञ होता है, वहां शांति होती है। विश्व शांति के लिए यज्ञ अति आवश्यक है। हम चाहते हैं कि पूरे विश्व में रामराज्य हो।
उन्होंने कहा कि जिस जिस गांव में हमने मंदिर बनाए हैं, उन गांव में अभी तक कहीं भी कोई मुकदमा नहीं है, कोई लड़ाई झगड़ा नहीं है, कोई गंभीर रोग नहीं है। आगे ईश्वर की इच्छा है
वहीं लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आयोजन समिति के पदाधिकारी विपिन झा ने बताया कि 11 दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ को जय मंगला बाबा के नेतृत्व में किया जा रहा है। बनारस से 21 पंडित आए हैं। जो यज्ञ पूजन प्रवचन करते हैं।उन्होंने बताया कि 108 मूर्ति की स्थापना यज्ञ भूमि में हुई है। सुबह में यज्ञ और फिर कथा, प्रवचन और शाम में जगराता का कार्यक्रम हो रहा है।
रपट डॉ राजेश कुमार लाल दास




