फलाहार नवरात्र के महत्व को रेखांकित करने का एक मौका-सरयू राय
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में सैकड़ों लोगों ने किया फलाहार

फलाहार नवरात्र के महत्व को रेखांकित करने का एक मौका-सरयू राय

श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में सैकड़ों लोगों ने किया फलाहार

लक्ष्मी नारायण मंदिर केबुल टाउन में विधायक सरयू राय के द्वारा भव्य फलाहार कार्यक्रम आयोजित, शामिल हुए श्रद्धालु
नवरात्रि के पावन अवसर पर जमशेदपुर में आस्था और सेवा का सुंदर संगम देखने को मिला, जहां रामनवमी के अष्टमी के दिन विशेष फलाहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया
जमशेदपुर के केबुल टाउन, गोलमुरी स्थित लक्ष्मी नारायण बिरला मंदिर में नवरात्रि के अष्टमी के शुभ अवसर पर भक्ति और सेवा का अदभुत दृश्य देखने को मिला।
गौरतलब है कि हर नवरात्र में सरयू राय फलाहार का कार्यक्रम रखते हैं। उनके फलाहार कार्यक्रम में शहर के प्रायः सभी वर्गों, राजनीतिक दलों, धर्मों, पंथों के लोग शरीक होते रहे हैं। श्री राय सनातनी विचारों को आगे बढ़ाने के पक्षधर माने जाते हैं। आज के कार्यक्रम में फलाहार में 9 किस्म के फल, साबूदाने की खिचड़ी और पकौड़ी रखी गई थी। चाय-कॉफी की भी व्यवस्था थी।
फलाहार कार्यक्रम की शुरुआत सरयू राय ने खुद की। दो स्टॉल बने थे। पहले स्टॉल पर नौ किस्म के फलों को रखा गया था तो दूसरे स्टॉल पर खीर और पकौड़ी का इंतजाम था। श्री राय ने स्वयं अपने हाथों से खीर, फल और पकौड़ी वितरित किये। वह दोनों स्टॉल्स पर बराबर सक्रिय रहे।
इस मौके पर शिवशंकर सिंह, आशुतोष राय, अशोक गोयल, नीरज सिंह, एम. चंद्रशेखर राव, सुबोध श्रीवास्तव, मुकेश कुमार, पिंटू सिंह, इंद्रजीत सिंह, अशोक कुमार, साकेत गौतम, असीम पाठक, विवेक पांडेय, अमृता मिश्रा, राम नारायण शर्मा, अमित शर्मा, मनोज सिंह, आकाश शाह
समेत सैकड़ों लोग और कार्यकर्ता मौजूद थे
इस अवसर पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलाहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और माता के दर्शन के साथ फलाहार ग्रहण किया।
अष्टमी के दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को फलाहार वितरण किया गया, जिसमें सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विधायक सरयू राय ने इस मौके पर कहा कि नवरात्रि केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन से समाज में एकता और भाईचारे का संदेश जाता है।
कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम भी तैनात रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूरे आयोजन में अनुशासन और श्रद्धा का सुंदर मेल देखने को मिला, जिसने इसे और भी खास बना दिया।
कुल मिलाकर, अष्टमी के इस पावन अवसर पर आयोजित फलाहार कार्यक्रम ने न केवल भक्तों को प्रसाद का लाभ दिया, बल्कि समाज में सेवा और सौहार्द का संदेश भी दिया।



