जमशेदपुर में भव्य बसंत उत्सव, संस्कृति, कला और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम
बसंत उत्सव समिति के तत्वावधान में रविवार को एग्रिको पोस्ट ऑफिस मैदान में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ भव्य बसंत उत्सव का आयोजन किया गया

जमशेदपुर में भव्य बसंत उत्सव, संस्कृति, कला और सामाजिक सेवा का अनूठा संगम

जमशेदपुर- बसंत उत्सव समिति के तत्वावधान में रविवार को एग्रिको पोस्ट ऑफिस मैदान में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ भव्य बसंत उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के मुख्य संरक्षक तापस मित्रा, चेयरमैन सौरोज्यति दे, वाइस चेयरमैन पार्थ सारथी सेन, चीफ एडवाइजर अचिन्तम गुप्ता, अध्यक्ष अल्पना भट्टाचार्य, महासचिव स्वपन राय, अनूप चटर्जी, मनोहर सिंह, डॉ. बाणी देव एवं अमिताभ चटर्जी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात स्वर्गीय डॉ. तमाल देव, भावेश देव, सुभोदीप मंडल और मृण्मय सुर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, जिससे वातावरण भावुक और गरिमामय हो गया।

अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि बसंत उत्सव की परंपरा विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ने शांतिनिकेतन में आरंभ की थी। यह उत्सव केवल ऋतु परिवर्तन का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रेम, सौंदर्यबोध और मानवीय संवेदनाओं के जागरण का प्रतीक है। कविगुरु की यह कल्पना थी कि प्रकृति के सान्निध्य में मनुष्य का सर्वांगीण विकास हो और कला, साहित्य व संस्कृति के माध्यम से समाज में सौहार्द बना रहे।

दोपहर 2 बजे से आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता में लगभग 300 बच्चों ने एक साथ बैठकर बसंत ऋतु पर आधारित रंग-बिरंगे चित्र बनाए। बच्चों की कल्पनाशीलता और कला कौशल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में ग्रुप ‘ए’ में कौस्तव ठाकुर और ग्रुप ‘बी’ में अंशिका देवनाथ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
उत्सव में सामाजिक सरोकार को भी विशेष महत्व दिया गया। प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन एवं जमशेदपुर ब्लड सेंटर के सहयोग से लगाए गए रक्तदान शिविर में 76 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। फाउंडेशन के डायरेक्टर अरिजीत सरकार ने इसे मानव सेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। वहीं बीएनटीसी स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस कॉलेज, गोविंदपुर द्वारा आयोजित निःशुल्क मेडिकल कैंप में 210 महिला एवं पुरुषों की स्वास्थ्य जांच की गई। कॉलेज की प्रमुख सुष्मिता सोम खां ने बताया कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।
सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना सौमि बोस की टीम ने बसंत ऋतु की थीम पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद कोलकाता की प्रसिद्ध बांग्ला गायिका केमेलिया दास और गायक अनिरुद्ध ने अपनी मधुर आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से पूरे परिसर को संगीत से सराबोर कर दिया।
बसंत उत्सव के दौरान लगाए गए विभिन्न स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहे। कपड़ों, ज्वेलरी और फूड फेस्टिवल के स्टॉलों पर लोगों की काफी भीड़ देखी गई। कार्यक्रम के अंत में विधायक पूर्णिमा साहू, सुनंदा गुप्ता, अजीत नायक, सुरेंद्र राय चौधरी, अमिताभ चटर्जी, संजय चौधरी, राजा चक्रवर्ती, संजीव दास, सपन रॉय, अरिजीत सरकार, रंजन बैनर्जी, सुष्मिता सोम खां, मधुमिता बनर्जी, सब्यसाची चंदा, सुकमल मुखुटी सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों को विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
उत्सव को सफल बनाने में सामंतो कुमार, स्वपन राय, रंजन बनर्जी, अरुण सरकार, शम्पा दासगुप्ता, मधुमिता बनर्जी, नीता बोस, तमालि सोम, रूपम, देबराज, अरिजीत घोष, तरुण बिस्वास, इति बनर्जी एवं अनेक स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे आयोजन ने जमशेदपुरवासियों को संस्कृति, कला और सामाजिक सेवा के सूत्र में बांधते हुए बसंत के उल्लास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।


