न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के छठे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, गौरी-शंकर एवं सीता-राम विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर
गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के छठे दिन मंगलवार को सुबह से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया

न्यू केबुल टाउन में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के छठे दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, गौरी-शंकर एवं सीता-राम विवाह प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर

जमशेदपुर- गोलमुरी क्षेत्र अंतर्गत न्यू केबुल टाउन में परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा के सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के छठे दिन मंगलवार को सुबह से ही यज्ञशाला में श्रद्धालुओं की भीड़ रही और पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं जयघोष से भक्तिमय बना रहा। पंचकुंडीय यज्ञशाला में बनारस से पधारे यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री के नेतृत्व में 21 सदस्यीय आचार्यों की टोली ने विधि-विधानपूर्वक वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक परंपरा के अनुरूप दैनिक पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश पूजन एवं वेदी पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं की सहभागिता से हवन अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। यज्ञशाला में उपस्थित श्रद्धालुओं ने समाज और राष्ट्र के सुख-शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान यज्ञशाला की परिक्रमा करने को महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सभी श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि एवं पारिवारिक कल्याण का आशीर्वाद मांगा।

संध्याकाल में बनारस से पधारे कथावाचक डॉ. मनोज मिश्रा दाऊजी, बक्सर से आए टुनटुन बाबा उर्फ हलचल बाबा एवं वृंदावनधाम से पधारे हिमांशु जी महाराज ने प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों के साथ गौरी शंकर विवाह और सीता राम विवाह एवं जीवन मूल्यों पर आधारित प्रसंगों का प्रभावशाली वर्णन किया गया। कथाव्यासों ने श्रद्धालुओं को धर्म संस्कार और सदाचार के पथ पर चलने का संदेश दिया।
कथाव्यासों के मुखारविंद से विभिन्न प्रसंगों, भक्ति गीतों और मधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। पूरा पंडाल ‘जय श्रीराम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री लक्ष्मीनारायण’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।
वृंदावनधाम से पधारे कथावाचक हिमांशु जी महाराज ने सीता-राम विवाह का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। कथा में उन्होंने बताया कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का दिव्य धनुष रखा था, जिसे कोई उठा नहीं सकता था। एक दिन माता सीता ने सहज भाव से उस धनुष को उठाकर स्थानांतरित कर दिया। यह देखकर राजा जनक चकित रह गए और उन्होंने प्रण लिया कि जो वीर इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह करेंगे। स्वयंवर में अनेक राजा-महाराजा पहुंचे, परंतु कोई भी धनुष को हिला तक न सका। अंततः गुरु की आज्ञा से प्रभु श्रीराम ने धनुष उठाया और प्रत्यंचा चढ़ाते ही वह धनुष भंग हो गया। इसके बाद मिथिला के पारंपरिक गीतों और मंगल उद्घोष के बीच सीता-राम का विवाह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
महायज्ञ में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, आजसू नेता चंद्रगुप्त सिंह, भाजपा नेता राजन सिंह, बबुआ सिंह, क्षत्रिय समाज के शंभु नाथ सिंह, टाटा मोटर्स यूनियन के महामंत्री आर के सिंह, वीएचपी के अरुण सिंह, राजेश सिंह बम, झामुमो नेता महावीर मुर्मू समेत अनेक गणमान्य जन शामिल रहे। कथा समापन के पश्चात हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, संयोजक शिवशंकर सिंह, बिपिन झा, बिट्टू तिवारी, जम्मू वाले बाबा, नीरज सिंह, शैलेश पांडेय, संजय सिंह, महेश शर्मा, हरेराम यादव, प्रेम झा, लाल बाबू यादव, सन्नी सिंह चौहान, आदित्य ओझा, अवनीश सिंह चिंटू, महेश शर्मा, अवधेश सिंह, सत्येंद्रनाथ सिंह, अजय तिवारी, गोपाल शर्मा, पप्पू यादव, निशांत सिन्हा, नीरज मिश्रा, अनिल सिंह, देबाशीष झा, त्रिभुवन प्रसाद सिंह, सुरेश दास, अजय लाला समेत समिति के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।




