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कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के ऑडिटोरियम का नाम अब वीर पोटो हो सभागार

कोल्हान विश्वविद्यालय में ई-समर्थ कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक

कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के ऑडिटोरियम का नाम अब “वीर पोटो हो सभागार”

चाईबासा, 13 मार्च: को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के विश्वविद्यालय परिसर स्थित ऑडिटोरियम का नाम अब “वीर पोटो हो सभागार” होगा। यह निर्णय 26 फरवरी 2026 को आयोजित विश्वविद्यालय की 90वीं सिंडिकेट बैठक में एजेंडा संख्या 4(III) के तहत लिया गया।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नामकरण तत्काल प्रभाव से लागू होगा। यह आदेश कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता के निर्देशानुसार रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी किया गया है।
यह नामकरण क्षेत्र के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी ‘वीर पोटो हो’ के सम्मान में किया गया है। ‘पोटो हो’ कोल्हान क्षेत्र के ऐसे वीर योद्धा थे जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आदिवासी समाज को अपने अधिकारों और स्वाभिमान के लिए संगठित किया। वे आज भी जनजातीय प्रतिरोध, साहस और अस्मिता के प्रतीक माने जाते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस निर्णय का उद्देश्य क्षेत्र के जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवशाली विरासत को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को उनके योगदान और बलिदान से प्रेरित करना है।

कोल्हान विश्वविद्यालय में ई-समर्थ कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक

चाईबासा – उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (DHTE), झारखंड सरकार के मार्गदर्शन में आज कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के सभागार में ई-समर्थ ERP प्रगति की समीक् करने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अवर सचिव श्री सुधीर कुमार के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ, जिन्हें कुलसचिव डॉ. रंजीत कर्ण द्वारा सम्मानित किया गया।
बैठक में DHTE के अवर सचिव, अवर सचिव सुधीर कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी कुणाल सिंह, अमित मिश्रा कल्याण सिंह उपस्थित रहे। कोल्हान विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव-सह-नोडल पदाधिकारी (ई-समर्थ) डॉ. आर. के. कर्ण, सहायक नोडल पदाधिकारी डॉ. सोमनाथ कर, ई-समर्थ के सदस्य तथा इस परियोजना से जुड़े सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ई-समर्थ ERP प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल की प्रगति की समीक्षा करना था। इस दौरान प्रत्येक मॉड्यूल पर विस्तृत प्रस्तुति एवं रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। यह जानकारी दी गई कि कोल्हान विश्वविद्यालय में निम्नलिखित प्रमुख मॉड्यूल का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया गया है:
वित्त मॉड्यूल
कर्मचारी प्रबंधन मॉड्यूल
वेतन प्रबंधन मॉड्यूल
अवकाश प्रबंधन मॉड्यूल
इसके अतिरिक्त, निम्नलिखित मॉड्यूल पर कार्य प्रगति पर है:
संपत्ति प्रबंधन
एसेट मैनेजमेंट
अकादमिक मॉड्यूल
DHTE के अधिकारियों ने कार्यान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की, विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों का आकलन किया तथा प्रणाली के प्रभावी उपयोग हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
ई-समर्थ की समीक्षा के अतिरिक्त, बैठक में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों पर भी चर्चा की गई। इनमें मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना सहित विभाग की अन्य प्रमुख पहलें शामिल थीं, जिनका उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करना है।
DHTE की टीम ने कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की तथा ई-समर्थ टीम के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की। अधिकारियों ने कार्यान्वयन की व्यवस्थित प्रक्रिया एवं टीम की प्रतिबद्धता की विशेष रूप से सराहना की।
यह भी बताया गया कि आगामी समय में प्रगति की निरंतर निगरानी हेतु अतिरिक्त रिपोर्ट मांगी जाएगी। साथ ही, विभाग द्वारा निकट भविष्य में और समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि सभी मॉड्यूल एवं योजनाओं से संबंधित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ, जिसमें DHTE एवं कोल्हान विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन एवं बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर ( डॉक्टर) अंजिला गुप्ता द्वारा विविध पाठ्यक्रमों के सत्रों को नियमित करने करने के लिए दिए गए सख्त निर्देश के पश्चात इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मात्र 6 महीने पूर्व ही सत्र 2024 -27 में नामांकन हेतु लिए गए प्रवेश परीक्षा के पश्चात तत्काल सत्र 2025 – 28 में नामांकन के लिए भी प्रवेश परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक कर लिया गया है। इस संबंध में 10 मार्च को परीक्षा का एवं नामांकन से संबंधित सूचना जारी की गई थी। तत्परता से कार्य करते हुए विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग ने मात्र 12 दिनों में तैयारी पूर्ण कर परीक्षा का आयोजन करने में सफलता प्राप्त की है। कोऑपरेटिव लॉ कॉलेज में नामांकन के लिए 459 विद्यार्थियों नेआवेदन दिया था जिसमें से 301 परीक्षा में सम्मिलित हुए। सुचारू रूप से परीक्षा संपन्न कराने के लिए कोऑपरेटिव कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर परीक्षा विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी एवं सीभीसी डॉ प्रभात कुमार सिंह पर्यवेक्षक के रूप में सवेरे से डटे हुए थे। केंद्राधीक्षक डॉ अमर सिंह के नेतृत्व में परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर अंतरा कुमारी, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ स्वाति सोरेन एवं वित्त विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ अशोक रब्बानी ने पारदर्शिता के साथ परीक्षा संपन्न कराया। 158 परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। लंबे अरसे तक स्थाई कुलपति नहीं रहने के कारण एल एल बी सहित कई पाठ्यक्रमों में सत्र विलंबित चल रहा है जिसे वर्तमान कुलपति ने गंभीरता से लिया है और सभी सत्रों को यथासंभव तत्काल नियमित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया है। इससे उम्मीद बंधी है कि नामांकन एवं परीक्षा के कारण,अन्य विलंबित सत्रों को शीघ्र ही नियमित किया जा सकेगा।

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