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कांड्रा कंचन पाड़ा मोहल्ला में गलत तरीके से देर रात बाहरी लड़के लड़की की शादी की एक गुप्त सूचना की खबर से न्यू झारखंड वाणी के संवाददाता समाचार संकलन के लिए सक्रिय हुए और जायजा लेने मोहल्ला में पहुंचे तो उक्त मोहल्ले में बीस पच्चीस महिला टीम की बैठक होते हुए देखा

उस ओर ध्यान आकृष्ट हुआ मोहल्ले में सड़क किनारे बैठक हो रही थी काफी भीड़भाड़ भी थी जब जायजा लेने पहुंचा तो वीडियो नहीं बनाने की महिला ने दबाव बनाया,और उनलोगों के द्वारा संवाददाता का बेइज्जती करने का प्रयास किया गया बैठक में लोगों का कहना था की आपको हमलोग नहीं बुलाए आप यहां से जाइए यह बात भी ठीक था लेकिन उनलोगों का संवाददाता के साथ अभद्रता का व्यवहार था, उसी बीच में एक महिला ने जिसका नाम मैं नहीं जानता पूछने से नाम बताने से भी इनकार किया इस बात का भी जिक्र किया कि फिर बांधा झुरिया में खबर करना होगा

सरायकेला खरसावां कांड्रा- सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत कांड्रा कंचन पाड़ा मोहल्ला में गलत तरीके से देर रात बाहरी लड़के लड़की की शादी की एक गुप्त सूचना की खबर से न्यू झारखंड वाणी के संवाददाता समाचार संकलन के लिए सक्रिय हुए और जायजा लेने मोहल्ला में पहुंचे तो उक्त मोहल्ले में बीस पच्चीस महिला टीम की बैठक होते हुए देखा

तो उस ओर ध्यान आकृष्ट हुआ मोहल्ले में सड़क किनारे बैठक हो रही थी काफी भीड़भाड़ भी थी जब जायजा लेने पहुंचा तो वीडियो नहीं बनाने की महिला ने दबाव बनाया,और उनलोगों के द्वारा संवाददाता का बेइज्जती करने का प्रयास किया गया बैठक में लोगों का कहना था की आपको हमलोग नहीं बुलाए आप यहां से जाइए यह बात भी ठीक था लेकिन उनलोगों का संवाददाता के साथ अभद्रता का व्यवहार था, उसी बीच में एक महिला ने जिसका नाम मैं नहीं जानता पूछने से नाम बताने से भी इनकार किया इस बात का भी जिक्र किया कि फिर बांधा झुरिया में खबर करना होगा बता दें कि पिछले साल एक ढहता हुआ हरिश्चन्द्र विधा मंदिर विधालय को शिक्षकों से बातचीत कर उस स्कूल को एक बिल्डर से बातचीत कर उसका मरम्मती करवाकर पुनः स्कूल को सुचारू रूप से चालू करवाने का प्रयास किया गया था

चूंकि उतना भव्य स्कूल जो गार्जियन के अभाव में नष्ट हो रहा था,चूंकि पत्रकार भी उसी स्कूल से पढ़ाई की थी और पत्रकार के पिता उसी स्कूल के संचालक ऐतिहासिक कंपनी सरायकेला ग्लास वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड की कर्मचारी थे उन्नीस सौ तिरानवे में कंपनी बंद हो गई थी,फिर कुछ समय बाद उस स्कूल को एक स्थानीय कमिटी बनाकर चलाई जाने लगी शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर बच्चों से शुल्क लिया जाने लगा पहले उक्त स्कूल निःशुल्क था लेकिन उस कमिटी के द्वारा स्कूल को नहीं चलाया जा सका स्कूल से बच्चे भी घट गए अंतिम समय में स्कूल में बावन बच्चे बचे थे,स्कूल भी ध्वस्त होने लगा था, मैट्रिक की परीक्षा देने के बाद मात्र पच्चीस छब्बीस बच्चे ही स्कूल में रह जाते इस कमिटी का स्कूल चलाने के प्रति कोई ध्यान नहीं देखा जा रहा था कुल मिलाकर स्कूल बंद होने के कगार पर था उसी बीच में स्कूल की आधी जमीन बेचने की भी साजिश की गई थी लोहे के पीलर भी गडबा दिया गया था, ऐन वक्त पर पत्रकार को इसकी भनक लगी तो स्कूल पहुंच कर इसका विरोध भी किया था,स्कूल बिकने से बच गई कुछ दिन बाद अलगम कम्पनी कांड्रा के एक संस्था बिहान को चोरी चुपके घुसा दिया गया था उसकी भी खबर बाद में पत्रकार को लगी तो फिर विरोध किया गया समाचार में भी इस तरह से स्कूल को बेचने की चर्चा उजागर किया गया

उसे भी प्रकाशित किया गया चूंकि पत्रकार के पिता समेत पूरे लोगों का उक्त स्कूल के संचालक कंपनी में हिसाब का भुगतान नहीं किया गया है और उक्त हरिश्चन्द्र विधा मंदिर उच्च विद्यालय को पत्रकार सुचारू रूप से चलवाना चाह रहे थे,बिहार राज्य के समय से संचालित उक्त स्कूल से आई एस ,आई पी ऐश इंजीनियर शिक्षक समेत बहुत अच्छे अच्छे प्रतिभाशाली छात्र उस स्कूल का देन था लेकिन पूर्व संचालित कमिटी अयोग्य घोषित हो गई और विधालय बेच कर पैसा कमाने का मन बनाया जा रहा था उस कमिटी में दबंग दिखने वाले नाकामयाब नेता सब थे इसलिए ही स्कूल का ऐसा दुर्गति हुआ तो उस स्कूल को संवाददाता के द्वारा बिल्डर के सहयोग से बनाई जाने लगी,लोगों को यह विश्वास हुआ कि स्कूल अच्छी शिक्षा प्रदान करेगी जो सत्य भी था वैसा ही संवाददाता का सोच था शिक्षक लोगों को भर्ती किया गया बच्चों की भी संख्या बढ़ने लगी एक महीने के प्रयास से लगभग तीन सौ दस बच्चे का दाखिला हुआ, लेकिन पूर्व संचालक समिति, आपराधिक नेचर के लोग घटिया मनोवृत्ति के नेताओं को यह सब सहन नहीं हुआ बत्तीस साल तक संचालक कंपनी स्कूल की कोई सुधि लेने नहीं आए पूर्व संचालक कमिटी भी फेल हो गए थे लेकिन इन लोगों को मेरा काम पसंद नहीं आया ईर्ष्या पैदा हुई, इससे पूर्व सारे उच्च अधिकारी जैसे जिलाधिकारी सरायकेला, शिक्षा अधिकारी सरायकेला, शिक्षा मंत्री,एसडीओ सरायकेला,कांड्रा थाना को लिखित सूचना भी दी थी लेकिन ये लोग घटिया मानसिकता लेकर,नेता अपराधी समूह के द्वारा संचालक कम्पनी के मालिक को पकड़ कर लेकर आए और पत्रकार के कार्य के विरोध में एक हरिजन महिला समिति को लेकर जो बांधघाट झुरिया जिसका कोई बच्चा स्कूल में नहीं पढ़ रहा था (जिसका उक्त महिला धमकी दे रही थी) पत्रकार के घर में घुस कर मारपीट कर जलील किया, फिर अपने बचने के लिए झूठा एस सी एस टी एक्ट , छेड़ खानी केश लगवाया,लेकिन डी एस पी सरायकेला ने इस बात को गलत पाया फिर भी केश को सिरे से खारिज नहीं कर वैसे धारा को हटाकर जेल जाने से बचाया गया अभी न्यायालय में विचाराधीन है, तो उक्त मुहल्ले में महिला समिति की बैठक चल रही थी, प्राइवेट रूम में नहीं खुले आम सड़क के बगल में तो उस बैठक में बैठी एक महिला ने उस घटना का जिक्र किया बोली फिर बांधघाट में खबर करना होगा मतलब कि दुबारा वैसे ही पूर्व घटित घटना करने की मंशा से धमकी देने लगी और उस बैठक में कोई गम्हरिया ब्लॉक के स्टाफ और महिला स्टाफ भी थे वे लोग भी पत्रकार से गलत व्यवहार किए अपने नाम और पद को भी छुपाया और पत्रकार को झूठे मामले में फसाने की धमकी भी दिया ज्ञात हो कि सोमा प्रमाणिक के नेतृत्व में उक्त बैठक रखी गई थी उसमें आजाद बस्ती कांड्रा की महिला शिक्षक जिसका नाम मालूम नहीं समेत कई महिला शामिल थी जिसको प्रशासन के द्वारा पहचान किया जाय,उन लोगों का कहना था आपको नहीं बुलाए हैं आप जाइए और पत्रकार के साथ पूर्व घटित मारपीट और झूठा केस को दोहराने की धमकी दिया गया जो यह महिला समिति का गलत हरकत है,पूछने पर सही बात छुपाया जा रहा था,बैठक जब खुलेआम किया जा रहा था तो पत्रकार को बेइज्जती करने की क्या जरूरत थी,बता दिया जाता की अमुख मामले में बैठक की जा रही है,कोई विवाद की बात ही नहीं थी, बल्कि इन लोगों के द्वारा बेइज्जत करने की कोशिश किया गया,इस महिला समिति की मुख्य सोमा प्रमाणिक का क्रिया कलाप संदिग्ध है,पूर्व में भी गम्हरिया स्वास्थ्य केंद्र से बच्चा हेरा फेरी में भी इनका नाम आया था,कल देर रात बाहरी लड़का लड़की का शादी कराने में भी गुप्त तौर से इनका ही नाम आ रहा है शादी तो हुई है इसकी खबर पक्का है लेकिन लोग बताने में हिचकिचा रहे हैं येही भी बात संदिग्ध है, पूर्व में भी कोरोना काल में नियम का उल्लंघन करने का उजागर किये जाने से पत्रकार को फंसाने के लिए थाना में झूठा शिकायत किया गया था जिस पर भी जांच हुआ था तो वो भी गलत पाया गया था, वास्तव में सरकार ने महिला उत्थान के लिए महिला समिति को मान्यता देने का काम किया है लेकिन महिला समिति बनाकर ये लोग निजी फायदे के लिए किसी को फ़साने का काम करते हैं,गलत काम करते हैं जैसे कल देर रात बाहरी लड़के लड़की को किस अधिकार से कांड्रा में चोरी से शादी करवाया जो दबी जुबान से चर्चा हो रही है,पूर्व में बच्चा हेरा फेरी का काम किया, जिसमें जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल का भी नाम आया था आवश्यकता है ये जानने की क्या सरकार महिला समिति को ये सब गलत करने की ही इजाजत दी है, इस विषय पर जिला प्रशासन के द्वारा जांच करने और ऐसे घटिया मानसिकता लेकर समिति चलाने वालों पर चिन्हित कर कार्रवाई किया जाय और इस समिति को जो स्वच्छ पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार करता हो को नष्ट कर दिया जाना चाहिए नहीं तो इनका मनोबल बढ़ता जाएगा जो समाज के लिए खतरा होगा ,पुरुष असुरक्षित महसूस करेंगे इन सबके पीछे घटिया नेता और अपराधिक चरित्र के लोग शामिल हैं,जो गलत करने में इनका साथ देते हैं वैसे लोगों को भी चिन्हित किया जाय कल देर रात हुई शादी का राज पर से पर्दा फाश करना अब प्रशासन की जिम्मेबारी है

रपट जगन्नाथ मिश्रा

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