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एनआईटी जमशेदपुर में एमएसएमई प्रायोजित उन्नत ईएसडीपी का आयोजन  आईसीई और ईवी के लिए ऑटो कंपोनेंट्स पर केंद्रित

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर ने 16 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय उन्नत उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ESDP) का सफल समापन किया। कार्यक्रम का शीर्षक था — “Scaling Success: Auto Components for ICEs and EVs in Domestic and Export Markets”। यह कार्यक्रम 12 से 16 फरवरी 2026 तक भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के प्रायोजन में आयोजित किया गया

एनआईटी जमशेदपुर में एमएसएमई प्रायोजित उन्नत ईएसडीपी का आयोजन  आईसीई और ईवी के लिए ऑटो कंपोनेंट्स पर केंद्रित

जमशेदपुर-  राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर ने 16 फरवरी 2026 को पाँच दिवसीय उन्नत उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम (ESDP) का सफल समापन किया। कार्यक्रम का शीर्षक था — “Scaling Success: Auto Components for ICEs and EVs in Domestic and Export Markets”। यह कार्यक्रम 12 से 16 फरवरी 2026 तक भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के प्रायोजन में आयोजित किया गया
यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सुत्रधर के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। वे लगातार शिक्षकों को ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि उद्यमिता और कौशल विकास को बढ़ावा मिले तथा भारत की स्वदेशी तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता मजबूत हो।
कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में एनआईटी जमशेदपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने भाग लिया और प्रतिभागियों तथा समन्वयकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विनिर्माण और स्वच्छ गतिशीलता से जुड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है।
इस ईएसडीपी का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और भावी उद्यमियों में तकनीकी दक्षता, उद्यमशील सोच और उद्योग के लिए तैयार कौशल विकसित करना था। विशेष ध्यान आईसीई और ईवी ऑटो कंपोनेंट्स, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण तथा ईवी चार्जिंग अवसंरचना पर दिया गया। सत्रों में एमएसएमई समर्थित पहलों की भूमिका पर भी जोर दिया गया, जो युवाओं में कौशल विकास, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देती हैं।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने व्याख्यान और संवादात्मक सत्र लिए। इनमें डॉ. चंद्रशेखर मालवी (एमआईटीएस ग्वालियर), डॉ. अतुल मोहन, डॉ. सारिका श्रीवास्तव,  ओह्मना सिन्हा (प्रोडक्ट मैनेजर, डेटा एवं एनालिटिक्स, जीएसके) तथा एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. ओम हरि गुप्ता, डॉ. के. राघवेन्द्र नाइक, डॉ. दिनेश कुमार और डॉ. कनिका प्रसाद शामिल रहे। विशेषज्ञों ने सौर ऊर्जा प्रणालियों, ऑटो कंपोनेंट निर्माण, ईवी पारिस्थितिकी तंत्र तथा उभरते बाज़ार अवसरों के तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं पर चर्चा की।
प्रतिभागियों को इन्वर्टर तकनीक, बैटरी प्रणालियाँ, स्थापना प्रक्रियाएँ, सुरक्षा मानक, गुणवत्ता नियंत्रण, रखरखाव रणनीतियाँ, वित्तीय व्यवस्थाएँ तथा नियामक ढाँचे के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिली। कार्यक्रम में व्यापार योजना, विपणन रणनीति, बिक्री प्रक्रिया, आपूर्ति श्रृंखला तथा वित्तीय प्रबंधन जैसे उद्यमिता के मूल विषय भी शामिल रहे। उद्योग से जुड़े सत्रों ने प्रतिभागियों को वास्तविक चुनौतियों और स्टार्टअप अवसरों की समझ दी।
एमएसएमई के सहयोग से इस कार्यक्रम का प्रभाव और बढ़ा, जिससे आत्मनिर्भर विनिर्माण, स्वच्छ गतिशीलता और टिकाऊ ऊर्जा परिवर्तन के राष्ट्रीय लक्ष्य को समर्थन मिला। प्रतिभागियों ने सत्रों को उपयोगी और मार्गदर्शक बताया।
कार्यक्रम का समापन वैलिडिक्टरी और फीडबैक सत्र के साथ हुआ। प्रभारी निदेशक प्रो. रबिन्द्र नाथ महंती तथा विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के प्रभारी अध्यक्ष डॉ. जितेन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समन्वयकों की सराहना की।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कनिका प्रसाद, डॉ. ओम हरि गुप्ता और डॉ. के. राघवेन्द्र नाइक ने एमएसएमई, संस्थान प्रशासन, विशेषज्ञों तथा प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता एनआईटी जमशेदपुर की उद्योग–शिक्षा सहयोग और उद्यमिता आधारित कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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