Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी   Click to listen highlighted text! Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी
Uncategorized

मेहंदी कुमारी प्रकरण पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव ने अस्पताल प्रबंधन पर बोला तीखा हमला, कहा- अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और तथ्यों से परे

मानवता के नाम पर अपने मुंह मियाँ मिट्ठू ना बने अस्पताल प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से ही मिलती है जरूरतमंदों को राहत

मेहंदी कुमारी प्रकरण पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव ने अस्पताल प्रबंधन पर बोला तीखा हमला, कहा- अस्पताल प्रबंधन का दावा भ्रामक और तथ्यों से परे

मानवता के नाम पर अपने मुंह मियाँ मिट्ठू ना बने अस्पताल प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से ही मिलती है जरूरतमंदों को राहत

जमशेदपुर- मेहंदी कुमारी के इलाज को लेकर टाटा मेन हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा जारी बयान पर जमशेदपुर पूर्वी के विधायक प्रतिनिधि गुंजन यादव ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए उसे भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा यह दावा करना कि ईलाज के बिल माफी पर किसी भी जनप्रतिनिधि, राजनेता या एनजीओ का कोई योगदान नहीं है, पूरी तरह सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करना है। गुंजन यादव ने कहा कि टीएमएच में रोज़ाना कई गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज के बाद भारी-भरकम बिल माफी के लिए जनप्रतिनिधियों को हस्तक्षेप करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महीनों तक अस्पताल प्रबंधन ने यह कहकर बिल माफी रोक दी थी कि सीएसआर फंड की निर्धारित सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद, जनप्रतिनिधियों के लगातार प्रयास और दबाव के बाद ही कई मामलों में बिल माफ करवाए गए, यहां तक कि कुछ मामलों में शव रिलीज कराने तक के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की यह संवेदनशीलता उस समय कहाँ चली जाती है जब ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों को हस्तक्षेप करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि मानवीय परिस्थितियों में जरूरतमंदों को सहायता सुनिश्चित की जाए, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करता है। यह कहना कि अस्पताल अपने स्तर पर सब कुछ कर रहा है, सरासर गलत है। हकीकत यह है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव और प्रयास से ही जरूरतमंद परिवार को राहत मिली है।

गुंजन यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अस्पताल प्रबंधन का किसी गरीब पर एहसान नहीं है, बल्कि यह कंपनियों की कॉर्पोरेट और कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि सीएसआर के तहत खर्च करने वाली कंपनियों को सरकार से टैक्स में रियायत भी मिलती है, इसलिए मानवता के नाम पर खुद मुंह मियाँ मिट्ठू नहीं बनना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रवक्ता तथ्यों की बात करते हैं, तो पहले यह स्पष्ट करें कि अस्पताल को सरकार से जमीन किस दर पर और किन शर्तों पर लीज में मिली है।

गुंजन यादव ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को कम आंकने की भूल अस्पताल प्रबंधन न करे। जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हम हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!