एनटीटीएफ में छात्राओं का आत्मरक्षा कौशल देखने लायक बुधवार को हुआ भव्य सेल्फ-डिफेंस डेमोंस्ट्रेशन
जमशेदपुर स्थित नेट्टूर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन (NTTF) परिसर बुधवार को उस समय उत्साह और जोश से भर उठा जब छात्राओं के लिए एक विशेष सेल्फ-डिफेंस जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के कोच सुनील कुमार प्रसाद अपनी सीनियर टीम के साथ पहुंचे और सेल्फ डिफेन्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सहयोग से छात्राओं को आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीकों से अवगत कराया गया

एनटीटीएफ में छात्राओं का आत्मरक्षा कौशल देखने लायक बुधवार को हुआ भव्य सेल्फ-डिफेंस डेमोंस्ट्रेशन

जमशेदपुर- जमशेदपुर स्थित नेट्टूर टेक्निकल ट्रेनिंग फाउंडेशन (NTTF) परिसर बुधवार को उस समय उत्साह और जोश से भर उठा जब छात्राओं के लिए एक विशेष सेल्फ-डिफेंस जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के कोच सुनील कुमार प्रसाद अपनी सीनियर टीम के साथ पहुंचे और सेल्फ डिफेन्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सहयोग से छात्राओं को आत्मरक्षा की महत्वपूर्ण तकनीकों से अवगत कराया गया
कार्यक्रम में संस्थान की प्राचार्या प्रीता जॉन, उप-प्राचार्या डॉ. पल्लवी चौधरी, EOHS इंचार्ज मृन्मय कुमार महतो तथा स्टाफ सदस्य मंजुला पी, प्रीति और कौशल की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान नीलम (अध्यक्ष, सेल्फ डिफेन्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड) के प्रयासों की भी सराहना की गई।कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं को संबोधित करते हुए आत्मरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालने से हुई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं और लड़कियों के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा सीखना केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और साहस को भी विकसित करता है।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण उन्हें भयमुक्त जीवन जीने में मदद करता है और किसी भी आपात स्थिति में सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। इस चर्चा ने कार्यक्रम के माहौल को प्रेरणा और उत्साह से भर दिया।इसके बाद मार्शल आर्ट्स टीम ने मंच संभालते हुए विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। टीम ने दिखाया कि अचानक होने वाले हमले से कैसे बचा जाए, हमलावर की पकड़ से कैसे बाहर निकला जाए और खुद को सुरक्षित रखने के लिए शरीर के संतुलन और गति का कैसे सही उपयोग किया जाए।
डेमोंस्ट्रेशन के दौरान कई वास्तविक परिस्थितियों का मंचन किया गया, जिससे छात्राओं को व्यावहारिक रूप से तकनीकों को समझने का अवसर मिला। इस दौरान छात्राएं पूरी रुचि और ध्यान के साथ प्रशिक्षण का अनुभव लेती रहीं।कार्यक्रम का सबसे रोमांचक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब लगभग 25 से 30 छात्राओं को मंच पर बुलाया गया और उन्हें सिखाई गई तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इस डेमोंस्ट्रेशन में झारखंड मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर के सीनियर छात्रों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में मैडी हेम्ब्रम, शिवानी कुमारी, चांदना महतो, सुमन कुमारी, सुकृति कुमारी, आकृति कुमारी, आरात्रिका पंडित और कार्तिक कोहरा शामिल रहे, जिन्होंने मंच पर आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया और छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। छात्राओं ने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रदर्शन करते हुए पटरा तोड़कर अपनी ताकत, साहस और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायक रहा और सभागार तालियों की गूंज से भर गया। छात्राओं का आत्मविश्वास और उत्साह कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता बनकर सामने आया।डेमोंस्ट्रेशन के बाद आयोजित इंटरैक्टिव सत्र में छात्राओं ने आत्मरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे। उन्होंने जाना कि खतरे की स्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए, मानसिक रूप से मजबूत कैसे बना जा सकता है और नियमित अभ्यास क्यों जरूरी है। कोच और उनकी टीम ने बताया कि आत्मरक्षा केवल तकनीकों का अभ्यास नहीं बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास से जुड़ी जीवनशैली है।कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सेल्फ डिफेन्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड पिछले एक वर्ष से लगातार महिलाओं और लड़कियों को निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। यह पहल महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।
इस अभियान की सराहना करते हुए संस्थान ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम के समापन पर झारखंड मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर की ओर से एनटीटीएफ को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्थान ने पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई।इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सही प्रशिक्षण, जागरूकता और आत्मविश्वास के साथ लड़कियां किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। छात्राओं में बढ़ता आत्मविश्वास इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा।
इस तरह एनटीटीएफ में आयोजित यह सेल्फ-डिफेंस कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक बल्कि समाज को जागरूक करने वाला और छात्राओं को सशक्त बनाने वाला एक यादगार आयोजन बन गया।




