जो व्यक्ति बुजुर्गों के निधन पर अंतिम अरदास कार्यक्रम में सादा लंगर पंगत में नीचे बैठाकर छकायेगा उस परिवार को सीजीपीसी एवं संबंधित गुरुद्वारा कमेटी अंतिम अरदास कार्यक्रम में उपस्थित होकर विशेष सम्मान पत्र देगी – शैलेंद्र सिंह
सोनारी गुरुद्वारा साहिब में एक धार्मिक समागम को संबोधित करते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने अपने संबोधन मे कहा कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा बनाये गये नियमों के अनुसार बुजुर्गों की मौत पर अंतिम अरदास के मौके पर आये हुए सगे संबंधियों एवं संगत के लिए परिवार को सादा लंगर वह भी पंगत में नीचे बैठाकर लंगर छकाया जाने का नियम बनाया था। उक्त नियमों का शायद ठीक से प्रचार प्रसार नहीं किया जा सका

जो व्यक्ति बुजुर्गों के निधन पर अंतिम अरदास कार्यक्रम में सादा लंगर पंगत में नीचे बैठाकर छकायेगा उस परिवार को सीजीपीसी एवं संबंधित गुरुद्वारा कमेटी अंतिम अरदास कार्यक्रम में उपस्थित होकर विशेष सम्मान पत्र देगी — शैलेंद्र सिंह
<img src="https://newjharkhandvani.in/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260405-WA0005-300×169.jpg" alt="" width="300" height="169" class="alignnone size-medium wp-imawp-image-901
जमशेदपुर- सोनारी गुरुद्वारा साहिब में एक धार्मिक समागम को संबोधित करते हुए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह ने अपने संबोधन मे कहा कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा बनाये गये नियमों के अनुसार बुजुर्गों की मौत पर अंतिम अरदास के मौके पर आये हुए सगे संबंधियों एवं संगत के लिए परिवार को सादा लंगर वह भी पंगत में नीचे बैठाकर लंगर छकाया जाने का नियम बनाया था। उक्त नियमों का शायद ठीक से प्रचार प्रसार नहीं किया जा सका। जिससे संगत में जागरुकता नहीं आई। इस संबंध में सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने अन्य अधिकारियों एवं गुरुद्वारा कमेटीयो के बीच सलाह मशविरा करने के बाद अब इस नियम को अमलीजामा पहनाने के उद्देश्य से इस नियम में आनशिक संशोधन किया है जिसमें कहा गया है कि ' जो व्यक्ति उक्त नियमों के अनुसार बुजुर्गों के निधन पर अंतिम अरदास में संगत को सादा लंगर नीचे पंगत में बैठाकर छकाएगा उस परिवार को सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी एवं संबंधित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी विशेष रूप से अंतिम अरदास कार्यक्रम में उपस्थित होकर सम्मान पत्र भेंट करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि यदि सिख समुदाय गुरुओं के प्रकाशोत्सव एवं शहीदी दिवस पर नीचे पंगत में बैठकर लंगर छक सकती है तो हमारे बुजुर्गों के अंतिम अरदास के अवसर पर क्यों नहीं। हमारे बुजुर्ग भी हमारे मार्गदर्शक हैं और हमें बचपन से ही दुनियावी संसार से अवगत कराते हैं। तो इस प्रकार से वह भी हमारे दुनियावी गुरु हैं।
अंत में सरदार शैलेंद्र सिंह ने संगत से आहवान किया कि सीजीपीसी द्वारा बनाए गए उक्त नियमों पर चलकर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का हौसला बढ़ाएं। इस मौके पर धर्म प्रचार कमेटी के प्रधान सुखदेव सिंह खालसा महासचिव रविंदर सिंह सीजीपीसी के संरक्षक गुरदेव सिंह राजा मुख्य सलाहकार हरविंदर सिंह मंटू अजीत सिंह गंभीर जोगिंदर सिंह जोगी सेंट्रल स्त्री सभा की प्रधान रविंदर कौर चेयरमैन कमलजीत कौर महासचिव सुखवंत कौर परमजीत कौर मनजीत कौर सोनारी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान बलबीर सिंह चेयरमैन गुरदयाल सिंह महासचिव सुखविंदर सिंह मंच संचालक मनजीत सिंह स्त्री सत्संग सभा की प्रधान कमलेश कौर हरजीत कौर सुरजीत कौर सरबजीत कौर एवं उनकी कमेटी एवं भारी संख्या में समूह साध संगत उपस्थित थी




