झारखंड में राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में वृद्धि किए जाने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं जनविरोधी है। जनता दल यूनाइटेड के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर यह एक और आर्थिक बोझ डालने जैसा है
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि बिजली दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर ₹7.40 प्रति यूनिट करना मध्यम वर्ग एवं गरीब परिवारों के लिए चिंता का विषय है। एक ओर जहां आम नागरिक रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में संघर्ष कर रहा है, वहीं इस तरह के फैसले उनकी मुश्किलों को और बढ़ाने का कार्य करेंगे

जमशेदपुर- झारखंड में राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में वृद्धि किए जाने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं जनविरोधी है। जनता दल यूनाइटेड के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही आम जनता पर यह एक और आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि बिजली दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर ₹7.40 प्रति यूनिट करना मध्यम वर्ग एवं गरीब परिवारों के लिए चिंता का विषय है। एक ओर जहां आम नागरिक रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में संघर्ष कर रहा है, वहीं इस तरह के फैसले उनकी मुश्किलों को और बढ़ाने का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए, न कि उन पर अतिरिक्त बोझ डाले। 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की बात अपनी जगह है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अधिकांश शहरी परिवारों का उपभोग इससे अधिक होता है, जिससे उन्हें बढ़ी हुई दरों का सीधा असर झेलना पड़ेगा।
जदयू जिला अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए एवं आम जनता को राहत देने हेतु बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो जनता दल यूनाइटेड जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।




