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कैरव अपहरण मामले में और पांच आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को मिली सफलता

बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण कांड में पुलिस ने पूरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह अपने सहयोगी साद आलम के साथ दुबई चला गया है

जमशेदपुर- कैरव अपहरण मामले में और पांच आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस को मिली सफलता

जमशेदपुर –  बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण कांड में पुलिस ने पूरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह अपने सहयोगी साद आलम के साथ दुबई चला गया है।वह अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

 

आपको बता दें कि 13 जनवरी को कैरव गांधी का अपहरण कदमा-सोनारी लिंक रोड से कर लिया गया था करीब 13 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद 26 और 27 जनवरी की मध्य रात्रि को पुलिस ने अपहृत को सकुशल बरामद कर लिया था। इसके बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।
जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि इस अपहरण की साजिश करीब छह महीने पहले रची गई थी। मुख्य साजिशकर्ता अपने सहयोगी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह के साथ जमशेदपुर आकर रहने लगा था। साकची इलाके में किराए का कमरा लेकर अपहृत की गतिविधियों की लगातार रेकी की जा रही थी
इस मामले में पंजाब के लुधियाना निवासी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह और मनप्रीत सिंह सेखो को गिरफ्तार किया गया है। वहीं बिहार के शेखपुरा निवासी राजकरण यादव और संतोष कुमार उर्फ संतोष विल्लेन को भी पुलिस ने दबोचा है। इसके अलावा गुरदीत शेर सिंह को भी कोलकाता से गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले पुलिस गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, मोहम्मद इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा और मोहन कुमार प्रसाद को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक-दूसरे की पहचान जानबूझकर साझा नहीं की थी ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में पूरा षड़यंत्र उजागर न हो सके। घटना वाले दिन कुछ आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर मौके पर पहुंचे थे। मनप्रीत सिंह वाहन चालक की भूमिका में था।
अपहरण के बाद कैरव गांधी को स्कॉर्पियो वाहन से चांडिल गोलचक्कर के पास ले जाकर दूसरे वाहन में शिफ्ट किया गया। इसके बाद अपहृत को रांची होते हुए डोभी ले जाया गया और फिर गया जिले के बिसर गांव में रखा गया। घटना के बाद आरोपी पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार की ओर फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। इस टीम ने पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार के कई जिलों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फिलहाल पुलिस मुख्य साजिशकर्ता की तलाश में जुटी है और दावा कर रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस ने मुख्य साजिश कर्ता तेजिंदर पाल सिंह के घर से अपहरण में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर कार बरामद की है। गया से एक पजेरो भी जप्त की गई है।

 

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