टाटा मेन हॉस्पिटल में 63वां वार्षिक क्लिनिकल सोसाइटी सम्मेलन आयोजित
टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के अकादमिक प्रकोष्ठ क्लिनिकल सोसाइटी ने 2 अप्रैल से 4 अप्रैल, 2026 तक जमशेदपुर में अपने 63वें वार्षिक सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। वर्ष 1962 में स्थापित क्लिनिकल सोसाइटी, टीएमएच एवं इसके संबद्ध इकाइयों के चिकित्सा पेशेवरों के बीच वैज्ञानिक विचार-विमर्श, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच के रूप में निरंतर कार्य करती रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है

टाटा मेन हॉस्पिटल में 63वां वार्षिक क्लिनिकल सोसाइटी सम्मेलन आयोजित

जमशेदपुर- टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) के अकादमिक प्रकोष्ठ क्लिनिकल सोसाइटी ने 2 अप्रैल से 4 अप्रैल, 2026 तक जमशेदपुर में अपने 63वें वार्षिक सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। वर्ष 1962 में स्थापित क्लिनिकल सोसाइटी, टीएमएच एवं इसके संबद्ध इकाइयों के चिकित्सा पेशेवरों के बीच वैज्ञानिक विचार-विमर्श, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त मंच के रूप में निरंतर कार्य करती रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
यह सम्मेलन क्लिनिकल सोसाइटी के संरक्षण में पूरे वर्ष आयोजित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की श्रृंखला का समापन था।
उदघाटन सत्र में डी बी सुंदरा रामम, वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज, टाटा स्टील मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर टाटा स्टील के वरिष्ठ नेतृत्व के सदस्य भी मौजूद रहे।
इस वर्ष के सम्मेलन की थीम थी, “स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – जंपिंग द कर्व”, जिसमें स्वास्थ्य प्रणालियों और क्लिनिकल प्रक्रियाओं में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया गया
वैज्ञानिक कार्यक्रम के तहत कई इंटरएक्टिव कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका संचालन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने किया। इनमें नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज में हेल्थकेयर में एआई टास्क फोर्स के को-चेयर प्रोफेसर सुप्तेन सर्वाधिकारी और सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल ऑटोनॉमस सिस्टम्स इन हेल्थकेयर (क्रैश लैब) से जुड़े डॉ. सुव्रंकर दत्ता शामिल थे। इन सत्रों में विशेष रूप से रेडियोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के एकीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई
सम्मेलन में प्रोफेसर सर्वाधिकारी द्वारा अतिथि व्याख्यान भी आयोजित किए गए। साथ ही, डॉ. सुव्रंकर दत्ता ने “भारत में मेडिकल सुपरइंटेलिजेंस की दिशा में आगे की राह” विषय पर मुख्य भाषण प्रस्तुत किया।
इसके अतिरिक्त, कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका संचालन प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. अरुण कल्याणसुंदरम (प्रोमेड हॉस्पिटल, चेन्नई) और डॉ. कुणाल सरकार (मणिपाल हॉस्पिटल्स, कोलकाता) ने किया। इस कार्यक्रम ने शोध प्रसार के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया, जिसमें विभिन्न चिकित्सा विषयों पर 100 से अधिक शोध प्रस्तुतियां शामिल थीं, जैसे शोध पत्र, पोस्टर और केस स्टडी। इस वर्ष ऑक्यूपेशनल हेल्थ रिसर्च और “मेडिकल शार्क टैंक” जैसे नए सत्रों ने सम्मेलन में नवाचार का आयाम जोड़ा, वहीं पैनल चर्चा और मेडिकल क्विज़ ने शैक्षणिक सहभागिता को और समृद्ध बनाया।
सम्मेलन का समापन टाटा मेन हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा प्रस्तुत एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसने आपसी सौहार्द को दर्शाते हुए चिकित्सा बिरादरी में सहयोग की भावना को और मजबूती प्रदान की।
63वें वार्षिक क्लिनिकल सोसाइटी सम्मेलन ने स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति टाटा मेन हॉस्पिटल की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।




