Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी   Click to listen highlighted text! Welcome to न्यू झारखण्ड वाणी
Uncategorized

टाटा स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उदघाटन किया

यह प्लांट इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि प्रति टन स्टील पर CO₂ उत्सर्जन 0.3 टन से कम रहे

टाटा स्टील ने भारत में अपने पहले स्क्रैप आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उदघाटन किया

यह प्लांट इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि प्रति टन स्टील पर CO₂ उत्सर्जन 0.3 टन से कम रहे

<img src="https://newjharkhandvani.in/wp-content/uploads/2026/03/SAVE_20260320_203039-300×200.jpg" alt="" width="300" height="200" class="alignnone size-medium wp-imawp-image-653
मुंबई- ््टाटा स्टील ने सतत इस्पात निर्माण की दिशा में अपनी यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए लुधियाना के हाई-टेक वैली में अपने स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) प्लांट की शुरुआत की। लगभग ₹3,200 करोड़ के निवेश से निर्मित इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन है। यह अत्याधुनिक प्लांट प्रति टन स्टील उत्पादन पर CO₂ उत्सर्जन को 0.3 टन से कम रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो 2045 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने की टाटा स्टील की प्रतिबद्धता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एस. भगवंत सिंह मान, पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री और एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा स्टील ने टी. वी. नरेंद्रन, सीईओ एवं प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील तथा अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ इस समारोह की शोभा बढ़ाई। एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा स्टील ने कहा, “जैसे-जैसे भारत जलवायु-संवेदनशील भविष्य की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है, सस्टेनेबिलिटी एक राष्ट्रीय अनिवार्यता बन गई है—जिसके लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। टाटा स्टील का लुधियाना इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, एक हरित और अधिक रेसिलिएंट औद्योगिक भविष्य के निर्माण के प्रति टाटा समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

टी. वी. नरेंद्रन, सीईओ एवं प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील ने कहा, “लुधियाना ईएएफ, 2045 तक नेट ज़ीरो हासिल करने की दिशा में टाटा स्टील की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दर्शाता है कि टाटा स्टील सर्कुलर इकोनॉमी के लिए पूंजी निवेश को किस तरह नए दृष्टिकोण से देख रही है—ऐसी तकनीकों को बढ़ावा देकर जो संसाधनों की खपत को कम करती हैं और साथ ही वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी बनी रहती हैं। हम पंजाब सरकार के निरंतर सहयोग और साझेदारी के लिए आभारी हैं और स्थानीय समुदायों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।”

लो-कार्बन स्टील मेकिंग को समर्थन देने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया यह प्लांट लगभग 50% नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करेगा। अत्याधुनिक सुविधा में 100% स्टील स्क्रैप को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें से लगभग 40% स्क्रैप हरियाणा के रोहतक स्थित कंपनी के स्टील रीसाइक्लिंग प्लांट से प्राप्त होगा। यह प्लांट कंपनी के प्रमुख रिटेल ब्रांड ‘टाटा टिस्कॉन’ के तहत कंस्ट्रक्शन-ग्रेड स्टील रिबार का उत्पादन करेगा, जिससे निर्माण क्षेत्र में टाटा स्टील की बाजार उपस्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पिछले तीन वर्षों में, कंपनी ने टाटा स्टील फाउंडेशन के माध्यम से लुधियाना स्थित प्लांट के आसपास के समुदायों के साथ साझेदारी करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा दिया है। मुख्य पहलों में स्थानीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के छात्रों के लिए रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों की शुरुआत, सोलर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना, जलवायु-संवेदनशील कृषि पद्धतियों को बढ़ावा, सामुदाय आधारित कचरा प्रबंधन प्रणालियों का निर्माण, स्कूलों के शिक्षण और बुनियादी अवसंरचना में पर्यावरणीय दृष्टिकोण का समावेश, तथा मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति सहायता प्रदान करना शामिल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!