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सोनारी मेरीन ड्राइव स्थित ब्रह्मकुमारीज के यूनिवर्सल पीस पैलेस में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) स्मिता पंकज और कोल्हान प्रमुख ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी

जमशेदपुर- सोनारी मेरीन ड्राइव स्थित ब्रह्मकुमारीज के यूनिवर्सल पीस पैलेस में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया


कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार दीप प्रज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी

क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) स्मिता पंकज और कोल्हान प्रमुख ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी यूनिवर्सल पीस पैलेस की निदेशिक। अंजू दीदी ने महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज समाज की सफलता और प्रगति के पीछे महिला का त्याग, धैर्य और समर्पण ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिला वास्तव में शक्ति का स्वरूप है—उसके भीतर धैर्य की शक्ति, उत्थान की शक्ति और हर परिस्थिति को समेटकर आगे बढ़ने की अदभुत क्षमता होती है। एक छोटे से घर से लेकर पूरे विश्व के निर्माण और विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ समृद्धि और सुख स्वयं रास्ता ढूंढ लेते हैं। महिला केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति की भी सच्ची संरक्षक होती है स्मिता पंकज ने भी अपने जीवन के अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव साझा किए

उन्होंने बताया कि एक महिला के रूप में पुरुषों के बीच कार्य करना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे समय में मन को आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है और ब्रह्माकुमारी जैसे आध्यात्मिक संस्थान व्यक्ति को आंतरिक शक्ति और सही दिशा प्रदान करते हैं

उन्होंने अपने अनुभव से यह भी साझा किया कि जीवन का सबसे बड़ा पाठ उन्होंने यह सीखा है कि जब हम अपने अहंकार पर विजय प्राप्त कर लेते हैं, तब हम जीवन की हर परिस्थिति—चाहे वह संबंधों की चुनौती हो या कोई कठिन परिस्थिति—उस पर आसानी से विजय प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में लगभग 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया इस अवसर पर सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं को प्रसाद
वितरित किया गया और सभी ने नई प्रेरणा, उत्साह और सकारात्मक संकल्प के साथ कार्यक्रम से विदाई ली।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि नारी केवल जीवन देने वाली शक्ति ही नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली चेतना भी है। जब नारी सशक्त होती है, तब परिवार, समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त हो जाता है।

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