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झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पर्यावरणीय अनुमति लिए बिना 2 लाख टन रेड मड की आपूर्ति एनएचएआई को करने के लिए हिन्डालको इन्डस्ट्रीज के ऊपर 37,96,875/- रूपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दण्ड अधिरोपित किया है। यह जानकारी आज झारखण्ड सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने झारखण्ड विधानसभा में विधायक  सरयू राय के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दिया है

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपने उत्तर में कहा है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के गाईडलाईन के अनुसार बिना पर्यावरणीय अनुमति लिए केवल एक हजार किलोग्राम अर्थात एक टन रेड मड की ही आपूर्ति किसी संस्था को प्रयोग के लिए की जा सकती है, परन्तु इसका उल्लंघन कर हिन्डालको इंडस्ट्रीज के मूरी वर्कस ने गोला-ओरमांझी पथ निर्माण के ट्रायल में उपयोग के लिए एनएचएआई को 2 लाख टन रेड मड की आपूर्ति बिना राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से अनुमोदन लिए ही कर दिया गया था

रांची- झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने पर्यावरणीय अनुमति लिए बिना 2 लाख टन रेड मड की आपूर्ति एनएचएआई को करने के लिए हिन्डालको इन्डस्ट्रीज के ऊपर 37,96,875/- रूपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति दण्ड अधिरोपित किया है। यह जानकारी आज झारखण्ड सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने झारखण्ड विधानसभा में विधायक  सरयू राय के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दिया है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने अपने उत्तर में कहा है कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के गाईडलाईन के अनुसार बिना पर्यावरणीय अनुमति लिए केवल एक हजार किलोग्राम अर्थात एक टन रेड मड की ही आपूर्ति किसी संस्था को प्रयोग के लिए की जा सकती है, परन्तु इसका उल्लंघन कर हिन्डालको इंडस्ट्रीज के मूरी वर्कस ने गोला-ओरमांझी पथ निर्माण के ट्रायल में उपयोग के लिए एनएचएआई को 2 लाख टन रेड मड की आपूर्ति बिना राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद से अनुमोदन लिए ही कर दिया गया था।

श्री राय ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से पूछा था कि झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण  पार्षद से अनुमोदन प्राप्त किए बिना हिन्डालको इन्डस्ट्रीज के मूरी वर्कस द्वारा 2 लाख टन रेड मड की आपूर्ति एनएचएआई को करना पर्यावरण नियमों के विरूद्ध है और सरकार के द्वारा इस पर क्या कार्रवाई की गई है।

दरअसल रेड मड की आपूर्ति दिनांक 22.10.2024 को ही कर दिया गया था, परन्तु दो वर्षों तक राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने कोई कार्रवाई नहीं किया।

विधायक  सरयू राय के विधानसभा में इस आशय का प्रश्न किये जाने के बाद ही पत्रांक 506, दिनांक 26.02.2026 द्वारा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के एवज में हिन्डालको पर रू. 37,96,875/- का अर्थदण्ड अधिरोपित करने की जानकारी वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने दिया है।

श्री राय ने कहा कि अब देखना है कि राज्य सरकार इस अर्थदण्ड को वसूल करने के लिए क्या कदम उठाएगी

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