मूलवासी संघ के बैनर तले एसटी, एससी और ओबीसी के द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अपने तीन सूत्री मांगों के लिए प्रदर्शन किया गया
मूलवासी संघ के केंद्रीय सचिव रंजीत बास्के ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में 21 राज्यों और झारखंड के 17 जिलों में यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। हम लोग उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने आए हैं। हमारी तीन प्रमुख मांगे हैं- पहला यूजीसी बिल को अविलंब लागू किया जाए। दूसरा जाति आधारित जनगणना किया जाए और जो भी खाली बैकलॉग है, उसे एसटी, एससी ओबीसी द्वारा अविलंब भरा जाए
जमशेदपुर- आज मूलवासी संघ के बैनर तले एसटी, एससी और ओबीसी के द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अपने तीन सूत्री मांगों के लिए प्रदर्शन किया गया
मूलवासी संघ के केंद्रीय सचिव रंजीत बास्के ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में 21 राज्यों और झारखंड के 17 जिलों में यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। हम लोग उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने आए हैं।
हमारी तीन प्रमुख मांगे हैं- पहला यूजीसी बिल को अविलंब लागू किया जाए। दूसरा जाति आधारित जनगणना किया जाए और जो भी खाली बैकलॉग है, उसे एसटी, एससी ओबीसी द्वारा अविलंब भरा जाए।
उन्होंने कहा की मांग अगर पूरा नहीं हुआ तो यह आंदोलन पूरे भारतवर्ष में आयोजित किया जाएगा और देश को अस्त व्यस्त कर देंगे।
वहीं भारतीय ओबीसी विचार मंच के कार्यकारी अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि कुछ लोग यूजीसी बिल का विरोध कर रहे हैं। यह मनुवादी लोग हैं उन्होंने कहा कि एसटी, एससी और ओबीसी ही मूल निवासी है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि यूजीसी पर अपना पक्ष दाखिल करें और जनसंख्या के आधार पर हम लोगों को हिस्सेदारी दिया जाए।
मूलवासी के प्रदेश संगठन सचिव शोभा ने बताई कि हम लोग साकची आम बागान से पदयात्रा निकाले हैं और यहां उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर सरकार यूजीसी बिल्कुल लागू नहीं करवाती है, तो हम लोग केंद्र सरकार को उखाड़ फेंकेंगे।
इस अवसर पर सभी लोग नारा लगा रहे थे कि एसटी,एससी ,ओबीसी, यह है असली मूलवासी। उन्होंने जय भीम का भी नारा लगाया।




