एमएसएमई प्रायोजित उन्नत सौर प्रशिक्षण कार्यक्रम का एनआईटी जमशेदपुर में उदघाटन
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में 13 फरवरी 2026 को एमएसएमई प्रायोजित उन्नत उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम (AESDP) के अंतर्गत “उन्नत सौर प्रशिक्षण कार्यक्रम – सतत भविष्य के लिए सूर्य की शक्ति का उपयोग” का उद्घाटन किया गया। यह सप्ताहव्यापी कार्यक्रम 13 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा

एमएसएमई प्रायोजित उन्नत सौर प्रशिक्षण कार्यक्रम का एनआईटी जमशेदपुर में उदघाटन
जमशेदपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में 13 फरवरी 2026 को एमएसएमई प्रायोजित उन्नत उद्यमिता एवं कौशल विकास कार्यक्रम (AESDP) के अंतर्गत “उन्नत सौर प्रशिक्षण कार्यक्रम – सतत भविष्य के लिए सूर्य की शक्ति का उपयोग” का उद्घाटन किया गया। यह सप्ताहव्यापी कार्यक्रम 13 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा
यह कार्यक्रम विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा माननीय निदेशक एवं अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श), एनआईटी जमशेदपुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
उदघाटन समारोह की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर एवं कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक ने की। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) आर. वी. शर्मा, उप-निदेशक (संरक्षक); प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं परामर्श) एवं नोडल अधिकारी (संरक्षक); प्रो. (डॉ.) सरोज कुमार सारंगी, कुलसचिव (प्रभारी); तथा डॉ. मधु सिंह, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियंत्रण विभाग (सह-संरक्षक एवं समन्वयक) सहित अन्य विशिष्ट संकाय सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. एस. के. समदर्शी, प्रोफेसर, ऊर्जा अभियंत्रण विभाग, केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) थे। वहीं मनोज कुमार झा, प्रमुख, फील्ड मेंटेनेंस (विद्युत), टाटा स्टील, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में गणमान्य अतिथियों ने सतत विकास, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सौर ऊर्जा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की ओर संक्रमण को तेज करने में कौशल विकास एवं उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया।
उन्होंने कार्यक्रम समन्वयकों डॉ. मधु सिंह, डॉ. कुंदन कुमार एवं डॉ. रवि भूषण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समयानुकूल, उद्योग-संरेखित एवं कौशल-आधारित सौर प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभावी परिकल्पना एवं क्रियान्वयन किया है।
सप्ताहव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, औद्योगिक भ्रमण, परिसर स्थित रूफटॉप सोलर स्थापना का अवलोकन तथा पैनल चर्चाएं शामिल होंगी। सत्रों का संचालन प्रख्यात शिक्षाविदों एवं उद्योग विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, जिनमें श्री मनोज कुमार झा (टाटा स्टील); प्रो. राजेश गुप्ता (एमएनएनआईटी इलाहाबाद); श्री पंकज कुमार सिंह, प्रबंधक (विद्युत), सीटीपीएस, डीवीसी; डॉ. राजन कुमार (एनआईटी रायपुर); श्री दुर्गेश, उप महाप्रबंधक (आरई-प्रोजेक्ट), एनटीपीसी; श्री संदीप खलखो एवं श्री रश्मि रंजन साहू (पावर ग्रिड); श्री अमित कुमार घोष (इन्वेस्ट, ईस्टर्न जोनल काउंसिल); तथा एनआईटी जमशेदपुर के संकाय सदस्य जैसे प्रो. सतीश कुमार, डॉ. मधु सिंह, डॉ. अशोक कुमार मंडल, डॉ. स्वगतदेब साहू, डॉ. रवि भूषण, डॉ. कुंदन कुमार एवं डॉ. दिवाकर प्रसाद त्रिपाठी शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों, पेशेवरों एवं भावी उद्यमियों के बीच रोजगारयोग्यता, तकनीकी दक्षता तथा उद्यमिता कौशल को सुदृढ़ करना है। यह कार्यक्रम भारत के स्वच्छ, हरित और सतत ऊर्जा भविष्य के दृष्टिकोण को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देने की अपेक्षा रखता है।
उदघाटन समारोह में उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों तथा उभरते उद्यमियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई, जो तीव्र गति से विकसित हो रहे सौर ऊर्जा क्षेत्र में उभरते अवसरों एवं नवाचारों को जानने के इच्छुक थे।




