दी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया) के स्थानीय कैंपस में मनाया गया इन्फॉर्मेशन सोसाइटी दिवस
वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी दिवस के अवसर पर दी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया), जो वर्ष 1952 से अभियंताओं की एक प्रतिष्ठित पेशेवर संस्था है, ने 18 मई 2026 को अपने जमशेदपुर लोकल सेंटर परिसर में इस दिवस का आयोजन किया। इस वर्ष के आयोजन की थीम थी — “Digital Lifelines – Strengthening Resilience in a Connected World”। कार्यक्रम का शुभारंभ Er. विनीत कुमार शाह, चीफ ऑफ मैन्युफैक्चरिंग – लॉन्ग प्रोडक्ट टाटा स्टील के स्वागत भाषण से हुआ

दी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया) के स्थानीय कैंपस में मनाया गया इन्फॉर्मेशन सोसाइटी दिवस

जमशेदपुर – वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी दिवस के अवसर पर दी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियर्स (इंडिया), जो वर्ष 1952 से अभियंताओं की एक प्रतिष्ठित पेशेवर संस्था है, ने 18 मई 2026 को अपने जमशेदपुर लोकल सेंटर परिसर में इस दिवस का आयोजन किया। इस वर्ष के आयोजन की थीम थी — “Digital Lifelines – Strengthening Resilience in a Connected World”।
कार्यक्रम का शुभारंभ Er. विनीत कुमार शाह, चीफ ऑफ मैन्युफैक्चरिंग – लॉन्ग प्रोडक्ट टाटा स्टील के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि Er. मनोज कुमार झा, चीफ ऑफ इलेक्ट्रिकल फील्ड मेंटेनेंस, फील्ड मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल, टाटा स्टील लिमिटेड, सहित उपस्थित सदस्यों एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।

अपने संबोधन में श्री शाह ने दूरसंचार के उल्लेखनीय विकास पर प्रकाश डाला, जिसमें लैंडलाइन प्रणाली से वायरलेस संचार तक की यात्रा तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के दूरसंचार के साथ एकीकरण का उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि इसी विकास के परिणामस्वरूप वर्ष 2006 से “वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन एंड इन्फॉर्मेशन सोसाइटी डे” मनाया जा रहा है। उन्होंने संचार प्रौद्योगिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते प्रभाव तथा विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी समाधान प्रदान करने की क्षमता पर भी चर्चा की। कोविड-19 काल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली इतनी व्यापक हो गई कि सड़क किनारे छोटे विक्रेता एवं आम लोग भी QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली से जुड़कर डिजिटल रूप से सशक्त हुए।
मुख्य अतिथि Er. मनोज कुमार झा ने अपने वक्तव्य में कहा कि संचार तकनीक ने तारयुक्त संचार से ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और आधुनिक वायरलेस संचार तक लंबी प्रगति की है, जिससे आज विशाल मात्रा में डेटा का आदान-प्रदान संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचार मुख्यतः मानवों के बीच होता है, लेकिन भविष्य में जीवित एवं निर्जीव वस्तुओं के साथ भी संवाद संभव हो सकता है। उन्होंने संवेदनशील औद्योगिक डेटा की सुरक्षा हेतु मिलिट्री-ग्रेड एन्क्रिप्शन सिस्टम तथा खदानों एवं दूरस्थ औद्योगिक स्थलों को जोड़ने वाली निर्बाध हाइब्रिड क्लाउड इंटीग्रेशन तकनीकों पर भी प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में शहर के अनेक प्रतिष्ठित अभियंता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जमशेदपुर लोकल सेंटर की मानद सचिव डॉ. सीरम माधुरी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




