लोकतंत्र में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन जनता के जनादेश को स्वीकार करना और विकास के कार्यों में सहयोग देना सभी की जिम्मेदारी है- संजय ठाकुर
खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे वाली कहावत चरितार्थ करने वाले संध्या सिंह से सवाल - चुनाव के दौरान भाजपा नेता ने पार्टी समर्थन के लिए महंगे गिफ्ट और पैसे और गाड़ी देने का आरोप लगाया था वह सही था?

जमशेदपुर- मानगो नगर निगम चुनाव से संबंधित कुछ आरोप पूर्व प्रत्याशी श्रीमती संध्या सिंह द्वारा लगाए गए हैं, जो पूरी तरह से बेबुनियाद, तर्थहीन एवं भ्रामक हैं।
यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि सुधा गुप्ता ने अपना चुनाव पूर्ण पारदर्शिता, वैधानिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप लड़ा है।
उनके सभी दस्तावेज, नामांकन और चुनावी प्रक्रिया संबंधित नियमों के तहत विधिवत जांच के बाद ही स्वीकार किए गए हैं
जहां तक मतदाता सूची अथवा निवास से जुड़े मुद्दों की बात है, यह पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है जिसमें संबंधित विभाग और निर्वाचन आयोग की भूमिका होती है इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता का आरोप निराधार और तथ्यहीन है।
यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। हमें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और हम न्यायालय के हर निर्णय का सम्मान करेंगे
लोकतंत्र में हार-जीत स्वाभाविक है, लेकिन जनता के जनादेश को स्वीकार करना और विकास के कार्यों में सहयोग देना सभी की जिम्मेदारी है।
दुर्भाग्यवश, निराधार आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
मैं जमशेदपुर की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि सुधा गुप्ता जी का एकमात्र लक्ष्य क्षेत्र का विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनसेवा है और वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेंगी।
उनका मतदाता पहचान पत्र पूरी तरह वैध प्रक्रिया के तहत भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार बना है। यदि किसी को इस पर आपत्ति है, तो उचित मंच निर्वाचन आयोग है, न कि मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाना। बिना प्रमाण के ऐसे आरोप लगाना कानूनन मानहानि की श्रेणी में आता है।
कार्यभार संभालने के बाद ही मेयर सुधा गुप्ता जी निरंतर मानगो क्षेत्र में जनसमस्याओं के समाधान हेतु सक्रिय रही हैं। विभिन्न वार्डों का निरीक्षण, जल, सड़क एवं नाली जैसी समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश देना—ये सभी कार्य सार्वजनिक रूप से प्रमाणित हैं।
बिना तथ्य एवं प्रमाण के इस प्रकार के झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाने पर विधि सम्मत कार्रवाई (Defamation Proceedings) करने का अधिकार सुरक्षित हैं और इस प्रकार के भ्रामक बयान के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मेयर सुधा गुप्ता जी का फोकस केवल और केवल मानगो की जनता की सेवा, विकास कार्यों की गति बढ़ाने और एक पारदर्शी प्रशासन देने पर है।
कुछ लोग मानगो में होते विकास कार्य से घबरा कर ओछी राजनीति कर रहे हैं जिसको जनता समझ रही हैं, जिन समस्याओं से मानगो की जनता परेशान और हताश थी उन समस्याओं को चरणबद्ध तरीके से समाधान मेयर सुधा गुप्ता कर रही हैं, ऐसे झूठे आरोपों से वे डरने और घबराने वाली नहीं हैं,जनता की अदालत ने उन्हें चुन लिया हैं हमें यकीन हैं न्यायालय में ये आरोप नहीं टिकेगा और सत्य की जीत होगी, सत्य परेशान हो सकता हैं, पराजित नहीं, सत्यमेव जयते।
खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे वाली कहावत चरितार्थ करने वाले संध्या सिंह से सवाल –
1)क्या ये सच नहीं की आपका ससुराल चाईबासा में था बाद में आप और आपके पति मानगो में आकर बस गए, क्या ये चुनाव लड़ने का मंशा नहीं था?
2)क्या ये सच हैं कि पूरे चुनाव में नशाखोरी की बात करने वाले आपके पति का व्यवसाय शराब परोसने का नहीं हैं?जब आप अपने होटल और पब में शराब बेचते हैं तो नशा खत्म करने का बात करना जनता को गुमराह करने का नहीं हैं?
3)क्या आप बारीडीह में रहती थी?
4)चुनाव के दौरान भाजपा नेता ने पार्टी समर्थन के लिए महंगे गिफ्ट और पैसे और गाड़ी देने का आरोप लगाया था वो सही था? उक्त जानकारी संजय ठाकुर प्रेस सलाहकार मेयर मानगो नगर निगम ने दी है



