दिन में शहर में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर लगे रोक, दोपहिया चालक हो रहे हादसों का शिकार
जमशेदपुर शहर में सड़क दुर्घटनाओं में निरंतर वृद्धि पर जदयू पूर्वी सिंहभूम जिला प्रवक्ता आकाश शाह ने चिंता व्यक्त की है। आज जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि हाल ही में भुइयांडीह चौक पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें एक युवा की असामयिक मृत्यु हो गई, ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। ऐसी घटनाएं केवल संबंधित परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति हैं। इसी प्रकार की एक दुखद घटना कुछ माह पूर्व साकची बस स्टैंड के समीप गोलचक्कर पर भी घटित हो चुकी है

दिन में शहर में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर लगे रोक, दोपहिया चालक हो रहे हादसों का शिकार
जमशेदपुर- जमशेदपुर शहर में सड़क दुर्घटनाओं में निरंतर वृद्धि पर जदयू पूर्वी सिंहभूम जिला प्रवक्ता आकाश शाह ने चिंता व्यक्त की है। आज जारी एक प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि हाल ही में भुइयांडीह चौक पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना, जिसमें एक युवा की असामयिक मृत्यु हो गई, ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। ऐसी घटनाएं केवल संबंधित परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति हैं। इसी प्रकार की एक दुखद घटना कुछ माह पूर्व साकची बस स्टैंड के समीप गोलचक्कर पर भी घटित हो चुकी है
आकाश शाह ने गहन चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर के भीतर दिन के समय भारी वाहनों, जैसे ट्रक, हाइवा एवं ट्रेलर, का अनियंत्रित परिचालन इन दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। सघन आबादी वाले क्षेत्रों और व्यस्त चौराहों पर ऐसे वाहनों की उपस्थिति सीधे तौर पर आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती है, और यही मानगो पुल पर लगने वाले घंटों जाम का मुख्य कारण भी है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं उपायुक्त महोदय से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है—
शहर में दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः प्रतिबंध (नो-एंट्री) सख्ती से लागू किया जाए।
भारी वाहनों की आवाजाही केवल रात्रि के समय ही सुनिश्चित की जाए।
शहर में प्रवेश एवं निकास के लिए भारी वाहनों के निर्धारित रूट में तत्काल बदलाव किया जाए तथा समय-सारिणी को पुनर्गठित किया जाए।
शहर के भीतर प्रवेश के बजाय वैकल्पिक बाहरी मार्ग (बायपास) का शीघ्र निर्माण किया जाए, जिससे भारी वाहनों का संचालन शहर से बाहर ही सुनिश्चित हो सके।
भारी वाहनों के लिए सख्त स्पीड लिमिट निर्धारित कर उसका कड़ाई से पालन कराया जाए।
अंत में उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में शीघ्र एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।




