उपायुक्त ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दिए सख्त निर्देश
NEET (UG)-2026 परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संपन्न, 8 परीक्षा केंद्रों में 4112 परीक्षार्थी हुए शामिल

NEET (UG)-2026 परीक्षा शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संपन्न, 8 परीक्षा केंद्रों में 4112 परीक्षार्थी हुए शामिल
जमशेदपुर- जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन के निर्देशानुसार NEET (UG)-2026 परीक्षा जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। जिला अंतर्गत 6 शिक्षण संस्थानों में बनाए गए कुल 8 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 4231 परीक्षार्थियों में से 4112 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जबकि 119 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी केंद्रों पर पर्याप्त दण्डाधिकारी, पुलिस बल एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था, फ्रिस्किंग, वीडियोग्राफी तथा एनटीए के दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया गया। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष व्यवस्था की गई, जिससे परीक्षार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा हुई। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के पारदर्शी एवं निष्पक्ष संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

उपायुक्त ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का किया अवलोकन, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दिए सख्त निर्देश

जमशेदपुर- उपायुक्त राजीव रंजन ने सदर अस्पताल, जमशेदपुर का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने ओपीडी, एक्स-रे, NICU, PICU, किचन एरिया, वेटिंग एरिया, वाशरूम, पंजीकरण काउंटर, डॉक्टरों के कक्ष एवं ऑपरेशन थिएटर का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी लेते हुए मरीजों को सुगम, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की अधिक भीड़ एवं पंजीकरण में हो रही असुविधा को देखते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके इलाज, सुविधा एवं स्टाफ के व्यवहार को लेकर फीडबैक भी लिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इमरजेंसी सेवाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं, अतः यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ब्लड बैंक की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए रक्त की उपलब्धता एवं सप्लाई सिस्टम को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अस्पताल कैंटीन का निरीक्षण कर साफ-सफाई एवं भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने अस्पताल की समग्र व्यवस्था को संतोषजनक बताया, किन्तु कुछ आवश्यक सुधारों की जरूरत भी जताई। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उन्होंने चिन्हित कमियों को शीघ्र दूर किए जाने के निर्देश दिए।




