तुलसी भवन में मासिक “कथा मंजरी” का आयोजन
सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन' द्वारा संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक कार्यक्रम "कथा मंजरी" आयोजित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद तथा संचालन , साहित्य समिति की श्रीमती रीना सिन्हा सलोनी ने की । जबकि धन्यवाद ज्ञापन तुलसी भवन कार्यकारिणी के प्रसन्नवदन मेहता ने किया

तुलसी भवन में मासिक “कथा मंजरी” का आयोजन
जमशेदपुर- ‘सिंहभूम जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन/तुलसी भवन’ द्वारा संस्थान के प्रयाग कक्ष में मासिक कार्यक्रम “कथा मंजरी” आयोजित किया गया
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के उपाध्यक्ष राम नन्दन प्रसाद तथा संचालन , साहित्य समिति की श्रीमती रीना सिन्हा सलोनी ने की । जबकि धन्यवाद ज्ञापन तुलसी भवन कार्यकारिणी के प्रसन्नवदन मेहता ने किया
दीप प्रज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई । सरस्वती वंदना नीता सागर चौधरी ने प्रस्तुत किया । स्वागत वक्तव्य साहित्य समिति के कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ० यमुना तिवारी व्यथित ने दिया ।
तदनुपरांत ‘कथा मंजरी’ के मौके पर विभिन्न विषयों को स्पर्श करती हुई कुल 17 कहानियों का पाठ किया गया, जिसकी समीक्षात्मक टिप्पणी कथा पाठ के उपरान्त राम नन्दन प्रसाद ने अपनी अध्यक्षीय वक्तव्य के दौरान की । जो इस प्रकार है —
क्रम कथाकार कहानी का शीर्षक
1) डाॅo अजय कुमार ओझा वाजिब मजदूरी
2) डाॅ० अरुण कुमार शर्मा कर्मफल
3) श्रीमती माधवी उपाध्याय पुर्नमिलन
4) श्री वसंत जमशेदपुरी धर्म निरपेक्षता
5) श्री ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र गुरुजी का सूत्र
6) डाॅo एन.के. सिंह अच्छा भेडिया या बुरा भेडिया
7) श्रीमती आलोक मंजरी सोन चिरैया
8) श्रीमती नीता सागर चौधरी सब ईश्वर की कृपा
9) श्री हरिमित्तल ओशो की तलाश
10) डाॅo अनीता निधि फेरीवाला
11) डाॅo उदय प्रताप हयात प्रधान
12) श्रीमती उपासना सिन्हा दादा जी की छडी
13) श्रीमती स्मृति पाण्डेय चौबे अनबोलता साथी
14) श्रीमती पूनम सिंह मनोहर का सत्य निष्ठा
15) श्रीमती प्रणति शरण. जेठ की धूप
16) श्रीमती ममता कर्ण छोटी सी जान,गज भर की जुबान
17) श्रीमती सुस्मिता मिश्र अमीत का बाल मन
इस अवसर पर मुख्य रुप से डाॅo डाॅo प्रसेनजित तिवारी, डॉ रागिणी भूषण, डाॅ० यमुना तिवारी ‘व्यथित’, कैलाश नाथ शर्मा गाजीपुरी, नीलिमा पाण्डेय, बलविन्दर सिंह, हरभजन सिंह रहबर, जितेश कुमार तिवारी , वीणा कुमारी नंदिनी सहित अनेक साहित्यकारों की उपस्थिति रही।




