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सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर ज्ञान, जागरूकता एवं प्रतिभा का भव्य संगम

सात दिवसीय कार्यक्रम के पांचवें दिवस आयोजित क्विज प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ फार्मेसी सेमेस्टर-6 बना विजेता

सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर ज्ञान, जागरूकता एवं प्रतिभा का भव्य संगम

घाटशिला- सात दिवसीय कार्यक्रम के पांचवें दिवस आयोजित क्विज प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ फार्मेसी सेमेस्टर-6 बना विजेता

सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत आज पांचवें दिवस पर भव्य एवं ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संकायों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता, बौद्धिक क्षमता एवं रचनात्मक सोच का प्रभावशाली प्रदर्शन किया
प्रतियोगिता को चार समूहों में विभाजित किया गया था — ग्रुप-A : B.Tech, ग्रुप-B : स्कूल ऑफ फार्मेसी सेमेस्टर-6, ग्रुप-C : स्कूल ऑफ फार्मेसी सेमेस्टर-4, ग्रुप-D : डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग।
प्रतियोगिता में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, प्रदूषण नियंत्रण, सतत विकास एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे गए। सभी प्रतिभागियों ने उत्साह, आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट ज्ञान का परिचय देते हुए प्रतियोगिता को अत्यंत रोचक एवं प्रेरणादायक बना दिया।
प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा गणित विभाग के विभागाध्यक्ष कृष्णेंदु दत्ता द्वारा की गई, जिसमें शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप-B (स्कूल ऑफ फार्मेसी सेमेस्टर-6) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजय हासिल की। विजेता टीम की उपलब्धि पर पूरे विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह एवं हर्ष का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ० नीत नयना ने कहा कि “विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का संकल्प है। आज के युवा यदि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक एवं सक्रिय हो जाएं तो पृथ्वी को सुरक्षित एवं समृद्ध बनाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज एवं प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। पर्यावरण संरक्षण आज वैश्विक आवश्यकता बन चुका है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि संकल्पित हो जाए, तो पर्यावरण संरक्षण का अभियान एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। प्रत्येक विद्यार्थी को वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कार्यक्रम अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष अनुसूआ राय के कुशल दिशा-निर्देशन एवं सफल संचालन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। पूरे परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा एवं सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणादायी भावना देखने को मिली।

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