संगठनात्मक अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज एवं संवैधानिक जवाबदेही के संबंध में
कृष्णा अग्रवाल उपाध्यक्ष सह सभापति अनुशासन समिति झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने बसंत कुमार मित्तल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन को पत्र लिखकर कहा है कि चुनाव परिणाम घोषित होने एवं नवीन अध्यक्ष के निर्वाचित होने के उपरांत भी आज तक आपके द्वारा विधिवत रूप से कार्यभार हस्तांतरित नहीं किया गया है

जमशेदपुर- कृष्णा अग्रवाल उपाध्यक्ष सह सभापति अनुशासन समिति झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने बसंत कुमार मित्तल
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन को पत्र लिखकर कहा है कि चुनाव परिणाम घोषित होने एवं नवीन अध्यक्ष के निर्वाचित होने के उपरांत भी आज तक आपके द्वारा विधिवत रूप से कार्यभार हस्तांतरित नहीं किया गया है

संगठनात्मक अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज एवं संवैधानिक जवाबदेही के संबंध में।

आप स्वयं झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन में पूर्व में प्रांतीय महामंत्री एवं प्रांतीय अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों पर रह चुके हैं। लंबे समय तक संगठन का नेतृत्व करने के पश्चात जब आपने पुनः प्रांतीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा, तब लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अंतर्गत नवीन नेतृत्व का निर्वाचन हुआ

किन्तु अत्यंत खेद एवं आश्चर्य का विषय है कि चुनाव परिणाम घोषित होने एवं नवीन अध्यक्ष के निर्वाचित होने के उपरांत भी आज तक आपके द्वारा विधिवत रूप से कार्यभार हस्तांतरित नहीं किया गया है।

विशेष रूप से निम्नलिखित अभिलेख एवं सामग्री अब तक पूर्ण रूप से नवनिर्वाचित नेतृत्व को उपलब्ध नहीं कराई गई है—
1) सदस्यता सूची एवं सदस्यता प्रपत्र
2) सदस्यता शुल्क की रसीदें
3) कार्यालय अवधि 01-04-2025 से 17-04-2025 तक के आय-व्यय का संपूर्ण ब्यौरा
4) वर्ष 2023 की ऑडिट रिपोर्ट
5) सम्मेलन का अधिकृत मोबाइल फोन
6) आमसभा की कार्यवाही पुस्तिका
7) अन्य महत्वपूर्ण संगठनात्मक दस्तावेज एवं अभिलेख
इस संबंध में पूर्व में भी पत्राचार के माध्यम से आपसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा चुका है। विशेष रूप से पत्रांक JPMS/25-27/56 दिनांक 03/09/2025 सहित अन्य पत्रों द्वारा भी संगठनात्मक अभिलेख सौंपने एवं वित्तीय विवरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, किन्तु आज तक कोई संतोषजनक उत्तर अथवा ठोस कार्यवाही प्राप्त नहीं हुई।
इसके अतिरिक्त अत्यंत गंभीर विषय यह भी है कि आपके कार्यकाल में सम्मेलन के खातों से ₹25 लाख की राशि आपसे संबंधित/आपके कार्यकाल में स्थापित एक ट्रस्ट को ऋण स्वरूप प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार इतनी बड़ी राशि प्रदान करने से पूर्व न तो संविधानसम्मत प्रक्रिया का पालन किया गया एवं न ही आमसभा अथवा सक्षम मंच से कोई विधिवत अनुमोदन/निर्णय प्राप्त किया गया।
संगठन की निधि को बिना आमसभा की स्वीकृति एवं संवैधानिक प्रक्रिया के ऋण स्वरूप प्रदान किया जाना संगठन की वित्तीय पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। और अत्यंत चिंताजनक तथ्य यह है कि उक्त राशि एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बाद भी सम्मेलन को वापस प्राप्त नहीं हुई है।
ऐसी स्थिति में आपसे विनम्रतापूर्वक किंतु स्पष्ट रूप से यह जानना अपेक्षित है कि क्या संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता, संवैधानिक व्यवस्था एवं जवाबदेही केवल सामान्य कार्यकर्ताओं एवं प्रदेश पदाधिकारियों के लिए ही लागू होती है, अथवा शीर्ष नेतृत्व पर भी समान रूप से लागू होती है?
जब वर्तमान झारखण्ड प्रदेश कार्यकारिणी को आपके द्वारा तत्काल प्रभाव से दस्तावेज, बैंक खाते एवं संगठनात्मक अभिलेख सौंपने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तब क्या वही नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व आपके ऊपर भी समान रूप से लागू नहीं होता?
संगठन व्यक्ति विशेष से बड़ा होता है। पद अस्थायी होते हैं, परंतु संगठन की गरिमा, पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक परंपराएँ स्थायी होती हैं।
अतः आपसे अपेक्षा है कि संगठन की गरिमा, पारदर्शिता एवं संवैधानिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समयावधि के भीतर समस्त अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज एवं लंबित विवरण विधिवत रूप से झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन को उपलब्ध कराने की कृपा करेंगे।
अन्यथा संगठनात्मक हित एवं संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन हेतु इस विषय को सक्षम मंच पर प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।संगठन व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उसकी पारदर्शी व्यवस्था, लोकतांत्रिक परंपराओं एवं सामूहिक विश्वास से चलता है। अतः अपेक्षा है कि शीर्ष नेतृत्व स्वयं इन आदर्शों का पालन करते हुए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
इस पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु पवन गोयनका
राष्ट्रीय अध्यक्ष, केदार नाथ गुप्ता राष्ट्रीय महामंत्री,गोपाल गोयल, राष्ट्रीय महामंत्रीअखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, नंदलाल अग्रवाल अध्यक्ष, अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन को भी भेजी गई है



